KANPUR:क्रूरता की हद-सड़क पर बैठे गाय के बच्चे पर चढ़ाई कार, रूह कंपा देने वाला सीसीटीवी फुटेज हुआ वायरल, मामला दर्ज, देखें क्या कहा पुलिस ने और जानें क्या सजा निर्धारित की है IPC ने
कानपुर। चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरे का एक फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि सड़क पर गाय का एक बच्चा बैठा हुआ है और कार चालक उस पर कार चढ़ा कर कुचल देता है। इस पर भीड़ उसे घेर लेती है। मीडिया सूत्रों के मुताबिक यह वीडियो उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के कल्याणपुर क्षेत्र का बताया जा रहा है।
वीडियो वायरल करने वाले ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को टैग करते हुए लिखा है कि ये थाना कल्यानपुर अंतर्गत आ.वि.3 पुलिसचौकी के सामने जानबूझकर की गई पशुक्रूरता है जिस पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई न ही इसका मेडिकल कराया गया जबकि साक्ष्य डेट & टाइम के साथ उपलब्ध है। इसी के साथ वीडियो को Uppolice को भी टैग किया गया है।
देखें क्या कहा पुलिस ने
हालांकि जब इस सम्बंध में कल्याणपुर थाने में बात की गई तो एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना 5 जुलाई की है। इस घटना को लेकर क्राइम नम्बर 527/22 धारा 428-429 IPC एवं 11 (1) A पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिस मामले में सात साल से कम की सजा होती है, उसने आरोपित को जेल नहीं भेजा जाता, लेकिन अगर इस मामले में आरोपित ने सहयोग नहीं किया तो उनको जेल भी भेजा जाएगा। हालांकि अभी ये ज्ञात नहीं हो सका है कि गाड़ी मालिक चला रहा था या ड्राइवर। पुलिस अधिकारी ने ये भी बताया कि एक-दो दिन में मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरोपी कोई भी हो, उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
घटना के 6 दिन बाद तक पुलिस नहीं जान सकी आरोपित का नाम
फिलहाल इस मामले में आरोपित का नाम सामने नहीं आ सका है। बता दें कि घटना 5 जुलाई को हुई और 6 दिन बाद तक आरोपित का पता पुलिस नहीं लगा सकी है, जबकि इस मामले का सीसीटीवी फुटेज ही आरोपित की पहचान करा रहा है। फिर भी पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी है। ऐसे में बड़ा सवाल ये उठता है कि आखिर पुलिस की क्या मजबूरी है, जो पशु को मारने वाले के खिलाफ अभी तक कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
देखें क्या सजा निर्धारित करती है IPC (भारतीय दंड संहिता) की 428-429 की धाराएं
धारा 428- दस रुपए मूल्य के किसी जीव-जन्तु को मार देना या फिर उसे विकलांग कर देना। या फिर उसे उपयोग के लायक न छोड़ना। इस प्रकार की रिष्ट करने वाले व्यक्ति को दो वर्ष की कैद या जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किया जाता है।
धारा 429-किसी मूल्य के ढोर आदि या पचास रुपए मूल्य के किसी जीव-जंतु का वध करने या उसे विकलांग करने की रिष्टि। हाथी, घोड़े, ऊंट या पचास रुपए अधिक मूल्य के किसी भी जानवर को मार देना, जहर देना, विकलांग कर देना, उपयोग के लायक न छोड़ना, इस प्रकार की रिष्टि करने वाले व्यक्ति को पांच साल की कैद या जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किया जा जाता है।