Kolkata: डॉक्टर बेटी के पिता ने जाहिर किया असंतोष…रेप-मर्डर केस में कोर्ट ने संजय रॉय को बताया दोषी; आरोपी ने अदालत में कही ये बात
Kolkata Doctor Rape-Murder Case: कोलकाता के आरजी कर हॉस्पिटल में हुए रेप और हत्या के मामले में डॉक्टर बेटी को न्याय मिलता हुआ दिखाई दे रहा है. ताजा खबर सामने आ रही है कि सियालदह कोर्ट ने मुख्य आरोपी संजय रॉय को दोषी करार दिया है और अब आरोपी को 20 जनवरी को सजा सुनाएगी।
इस मामले में सीबीआई की ओर से पेश किए गए सबूत, फरेंसिक रिपोर्ट और 50 गवाहों के बयान के आधार पर कोर्ट ने यह फैसला दिया है। इस मामले में 9 जनवरी को आखिरी बहस हुई थी, जिसमें सीबीआई ने आरोपी संजय रॉय को सजा ए मौत देने की मांग की थी। इस खबर के सामने आने के बाद से ही देश भर के डॉक्टरों में खुशी की लहर दौड़ गई है. क्योंकि इस मामले के खिलाफ देश भर के डाक्टर लगातार न्याय की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार यानी आज करीब एक बजे मुख्य आरोपी संजय रॉय को सियालदह कोर्ट में लाया गया और इसके बाद दोनों पक्षों के वकीलों में सजा को लेकर बहस शुरू हुई. दोनों वकीलों का पक्ष सुनने के बाद जस्टिस अनिर्बन राय ने सजा सुनाई.
आरोपी ने कोर्ट में कही ये बात
कोर्ट में संजय रॉय ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा है कि ‘मुझे फंसाया गया है, असली अपराधी बाहर घूम रहे हैं. मैंने यह अपराध नहीं किया. जिन लोगों ने यह किया है, उन्हें क्यों छोड़ा जा रहा है?’ मालूम हो कि इस मामले में संजय रॉय ने पहले अपराध कबूल किया था. वह कोलकाता पुलिस में सिविक वॉलंटियर था
कोर्ट ने कही ये बात
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जज अनिर्बान दास ने फैसला सुनाते हुए कहा, ‘तुम्हें सजा मिलनी ही चाहिए.’कोर्ट ने फॉरेंसिक रिपोर्ट्स को आधार मानते हुए मामले को लेकर कहा कि घटनास्थल और पीड़िता के शरीर पर मिले डीएनए सबूत संजय रॉय की संलिप्तता को साबित करते हैं. जज ने आगे कहा कि‘और जिस तरह से तुमने पीड़िता का गला घोंटा, तुम्हें मौत की सजा या उम्रकैद दी जा सकती है. बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के सेक्शन 64 के तहत कम से कम 10 साल की सजा है और सेक्शन 66 के तहत 25 साल या आजीवन कारावास या मौत की सजा का प्रावधान है.’
पीड़िता के पिता ने जाहिर किया असंतोष
पीड़िता के पिता ने इस सुनवाई पर असंतोष जाहिर किया है और सीबीआई जांच पर भी सवाल उठाए हैं. पीड़िता के पिता ने कहा कि हमारे वकील और CBI ने हमें बार-बार कहा है कि कोर्ट में नहीं जा सकते। डॉक्टर बेटी के पिता ने सवाल खड़े करते हुए कहा है कि कोर्ट में क्या चल रहा है, हम नहीं जानते। सीबीआई ने मुझे कभी नहीं बुलाया।
दो बार घर आई टीम
पीड़िता के पिता ने कहा कि जांच टीम एक या दो बार हमारे घर आई और जांच के बारे में ठीक-ठीक कुछ भी नहीं बताया. जब भी हमने उनसे जांच के बारे में पूछा, उन्होंने कहा कि जांच चल रही है। पीड़िता के पिता ने ये भी आरोप लगाया कि वारदात की रात ड्यूटी पर जो लोग थे, उनसे पूछताछ नहीं की गई। इसी के साथ ये भी कहा है कि मेरी बेटी की गर्दन पर काटने के निशान थे लेकिन वहां से स्वाब नहीं लिया गया। डीएनए रिपोर्ट में 4 लड़कों और 1 लड़की की मौजूदगी दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि इस घटना में शामिल सभी लोगों को सजा मिले लेकिन सीबीआई कोशिश नहीं कर रही।
जानें क्या कहा सीबीआई ने?
अक्टूबर 2022 में सीबीआई ने 45 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी जिसमें बताया गया है कि पीड़िता का खून संजय रॉय की जीन्स और जूतों पर मिला था. घटना स्थल से संजय के बाल और ब्लूटूथ ईयरपीस भी बरामद हुए, जो उसके फोन से कनेक्ट था.
जानें क्या है पूरा मामला?
बता दें कि आरजी कर अस्पताल के सेमिनार हॉल में 9 अगस्त, 2024 को 31 साल की एक पीजी मेडिकल छात्रा (ट्रेनी डॉक्टर) का शव मिला था. जांच में सामने आया था कि पीड़िता की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी. दूसरे ही दिन संजय रॉय को गिरफ्तार कर लिया गया. हालांकि पीड़िता के परिवार और जूनियर डॉक्टरों के समूह ने इस घटना को बड़ी साजिश का हिस्सा बताया है और एक से अधिक लोगों के शामिल होने की बात कही है लेकिन जांचकर्ताओं ने दावा किया कि आरोपी संजय रॉय ने अकेले ही इस अपराध को अंजाम दिया. मालूम हो कि पिछले साल हुई इस घटना की चर्चा पूरे देश में हुई और कार्यस्थल पर डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल भी खड़े हुए तो वहीं न्याय की मांग के लिए लगातार प्रदर्शन होते रहे.
राज्यसभा सांसद ने भी उठाए सवाल
बता दें कि इस मामले में राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने भी सवाल खड़े किए हैं और कोर्ट के फैसले से पहले ही कहा था कि ऐसा नहीं लगता कि इस मामले में केवल एक व्यक्ति शामिल है। इसी के साथ ही उन्होने ये भी उम्मीद जताई थी कि कोर्ट सभी आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करेगी. उन्होंने कहा था कि जिन लोगों ने इस मामले में वित्तीय घोटाला किया है, वे निश्चित रूप से हत्या में शामिल हैं। उन लोगों के खिलाफ कोर्ट कार्रवाई करेगा और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा देगा।