Lord Ganesha: क्या आप गणेश जी की मूर्ति लेने जा रहे हैं, तो जान लें ये विशेष जानकारी, जानें भगवान गणेश की कैसी मूर्ति होती है सर्वोत्तम

November 29, 2022 by No Comments

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अगर आप भगवान गणेश की जी की मूर्ति खरीदने जा रहे हैं तो ये विशेष जानकारी अवश्य पढ़ लें। आचार्य विनोद कुमार मिश्र बताते हैं कि ये बहुत जरूरी है कि हम गणेश जी की मूर्ति खरीदने से पहले ये जान लें कि घर के मंदिर के लिए कैसी मूर्ति सर्वोत्तम होती है। इसी के साथ अपने घर में वही मूर्ति रखें जिससे घर में सुख-सम्पत्ति बढ़े। तो आइए इस लेख में देखते हैं गणेश जी की मूर्ति के बारे में-

देखें कौन सी मूर्ति रहेगी शुभ
भगवान श्री गणेश की मूर्ति 1 फुट से अधिक बड़ी अर्थात ऊंची नहीं होनी चाहिए।
एक व्यक्ति के द्वारा सहजता से उठाकर लाई जा सके ऐसी मूर्ति होनी चाहिए।
सिंहासन पर बैठी हुई, भार पड़ने पर टिकी हुई प्रतिमा सर्वोत्तम मानी गई है।
सांप,गरुड,मछली आदि पर आरूढ अथवा युद्ध करती हुई या चित्रविचित्र आकार प्रकार की प्रतिमा बिलकुल भी घर में न रखें।
शिवपार्वती की गोद में बैठे हुए गणेश जी कदापि ना लें, क्योंकि मान्यता है कि शिवपार्वती की पूजा लिंगस्वरूप में ही किये जाने का विधान है। शास्त्रों में शिवपार्वती की मूर्ति बनाना और उसे विसर्जित करना निषिद्ध है।


श्रीगणेश की मूर्ति की आंखों पर पट्टी बांधकर घर पर ना लाएं।
श्रीगणेश की जब तक विधिवत प्राणप्रतिष्ठा नहीं होती तब तक देवत्व नहीं आता अत: विधिवत् प्राणप्रतिष्ठा अवश्य करें।
परिवार में अथवा रिश्तेदारी में मृत्युशोक होने पर, सूतक में पडोसी या मित्रों द्वारा पूजा, नैवेद्य आदि कार्य करायें। विसर्जित करने की शीघ्रता ना करें।


श्रीगणेश की प्राणप्रतिष्ठा होने के बाद घर में वाद विवाद, झगड़ा, मद्यपान, मांसाहार आदि न करें।
विसर्जन के समय मूर्ति को इधर-उधर न फेंके प्रभु को शांति पूर्वक विदा करें।
यदि ऊपर वर्णित बातों पर अमल करना संभव ना हो तो श्रीगणेश की स्थापना कर उस मूर्ति का अपमान ना करें। घर में रखी हुई गणेशमूर्ति के सामने 1 घंटे तक शांत बैठे। अपना आत्मनिरीक्षण करें, अच्छा व्यवहार करें। गणेश जी आप पर कृपा बरसायेंगे। श्री गणेश जी एक ही हैं। उनकी अलग-अलग कंपनियां नहीं होती अपनी सोच अलग हो सकती है।

आचार्य विनोद कुमार मिश्र

DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)