Mahakumbh Stampede: “पूरा प्रशासन VIP की सेवा में लगा रहता है…” कुंभ भगदड़ पर रो पड़े महामंडलेश्वर प्रेमानंद पुरी; अखिलेश और राहुल ने योगी सरकार पर साधा निशाना-Video
Mahakumbh Stampede: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भोर पहर संगम घाट पर स्नान के लिए मची भगदड़ में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई है तो वहीं सैकड़ों लोग घायल हो गए हैं. सोशल मीडिया पर पीड़ित श्रद्धालुओं के वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं.
इसी बीच महाकुंभ से महामंडलेश्वर प्रेमानंद पुरी का वीडियो सामने आया है जिसमें वह भगदड़ की घटना पर रोते हुए दिख रहे हैं और इस घटना का जिम्मेदार पूरी तरह से प्रशासन को ही बताया है. उन्होंने दावा किया है कि जब कोई वीआईपी स्नान के लिए आता है. प्रशासन उसकी ही जी हजूरी में लगा रहा है, उसे न तो मेले से मतलब है और न ही व्यवस्था से.
व्यवस्था सिर्फ़ VIP के लिए थी। आम लोगों के लिए कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। आम लोगों को बस मीडिया द्वारा भीड़ की तरह दिखाना था कि देखो, इतने करोड़ लोग आए हैं।#MahakumbhStampede pic.twitter.com/49k1GBlO2f
— Kanchana Yadav (@Kanchanyadav000) January 29, 2025
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में महामंडलेश्वर प्रेमानंद पुरी कहते दिख रहे हैं कि प्रशासनिक अव्यवस्था के कारण महाकुंभ को कलंकति होना पड़ा है. जब प्रशासन को ये अनुमान था कि 40-50 करोड़ लोग आने वाले हैं तो फिर सेना के हवाले महाकुंभ क्यों नहीं किया गया? उन्होंने दावा किया कि वह कई बार यूपी के उच्च पदों पर बैठे पुलिस अधिकारी से कुंभ को सेना के हवाले करने के लिए कहा था लेकिन ऐसा नहीं किया गया जिसका परिणाम यह हुआ कि किसी के बाप का बेटा चला गया है तो किसी का पिता चला गया है. यह बहुत ही दुखद समाचार है. इतना कहकर वह रो पड़े.
“कुंभ को सेना के हवाले क्यों नहीं किया गया”
◆ महामंडलेश्वर प्रेमानंद पुरी ने महाकुंभ में हुई भगदड़ पर कहा #MahakumbhStampede | #Mahakumbh | संगम घाट | Stampede | Mahakumbh | #मौनी_अमावस्या pic.twitter.com/qslbrhkqOV
— News24 (@news24tvchannel) January 29, 2025
इसी के साथ ही उन्होंने दावा किया कि जब भी कोई वीआईपी स्नान करने के लिए कुंभ में आता है तो पूरा प्रशासन उनकी ही सेवा में लग जाता है. प्रशासन पूरी तरह से फेल हो गया है. उन्होंने प्रशासन को निकम्मा तक कह दिया. इसी के साथ ही कहा कि प्रशासन को कुंभ से कोई मतलब नहीं रहा और न ही किसी व्यवस्था से कोई मतलब रहा. सारे अखाड़े मिलकर कह रहे थे कि सेना के हवाले कुंभ कर दीजिए. अगर सेना के हवाले मेला होता तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता.
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने महाकुंभ में मची भगदड़ पर कहा है कि महाकुंभ में क्षमता से ज्यादा भीड़ पहुंच गई है. उन्होंने संगम का आग्रह छोड़ने की अपील की है. अपने निकट के घाट पर स्नान करें. #mahakumbhstampede pic.twitter.com/G3T1455hyz
— बलिया वाले 2.0 (@balliawalebaba) January 29, 2025
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने की ये अपील
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने महाकुंभ में मची भगदड़ पर कहा है कि महाकुंभ में क्षमता से ज्यादा भीड़ पहुंच गई है. उन्होंने संगम का आग्रह छोड़ने की अपील की है. अपने निकट के घाट पर स्नान करें. सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह सभी से अपील करते हुए नजर आ रहे हैं.
#प्रयागराज में #महाकुंभ मेले में मौनी अमावस्या से पहले संगम नोज पर #भगदड़ मचने से लोगों की मौत व कई घायल हो गए है।
क्या यह भगदड़ VVIP VIPs संस्कृति, मेला प्रशासन की लापरवाही और योगी सरकार के विफल प्रबंधन को उजागर नहीं करती?#MahaKumbh2025 #महाकुंभ2025 #MahakumbhStampede pic.twitter.com/XUReJaS47r
— Subham Agrawal (@iSubhamAgrawal) January 29, 2025
सपा प्रमुख ने की ये मांग
सपा प्रमुख व प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि महाकुंभ में आए संत समाज और श्रद्धालुओं में व्यवस्था के प्रति पुनर्विश्वास जगाने के लिए ये आवश्यक है कि उप्र शासन-प्रशासन के स्थान पर महाकुंभ का प्रशासन और प्रबंधन तत्काल सेना को सौंप देना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा कि‘विश्वस्तरीय व्यवस्था’ करने के प्रचार करते हुए दावों की सच्चाई अब जब सबके सामने आ गयी है, तो जो लोग इसका दावा और मिथ्या प्रचार कर रहे थे, उन्हें इस हादसे में हत हुए लोगों की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए अपना पद त्याग देना चाहिए।
महाकुंभ में आए संत समाज और श्रद्धालुओं में व्यवस्था के प्रति पुनर्विश्वास जगाने के लिए ये आवश्यक है कि उप्र शासन-प्रशासन के स्थान पर महाकुंभ का प्रशासन और प्रबंधन तत्काल सेना को सौंप देना चाहिए।
‘विश्वस्तरीय व्यवस्था’ करने के प्रचार करते हुए दावों की सच्चाई अब जब सबके सामने आ…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) January 29, 2025
इससे पहले उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा था कि महाकुंभ में अव्यवस्थाजन्य हादसे में श्रद्धालुओं के हताहत होने का समाचार बेहद दुखद है। श्रद्धांजलि! इसी के साथ ही योगी सरकार से अपील करते हुए कहा है कि गंभीर रूप से घायलों को एअर एंबुलेंस की मदद से निकटतम सर्वश्रेष्ठ हॉस्पिटलों तक पहुंचाकर तुरंत चिकित्सा व्यवस्था की जाए। मृतकों के शवों को चिन्हित करके उनके परिजनों को सौंपने और उन्हें उनके निवास स्थान तक भेजने का प्रबंध किया जाए। जो लोग बिछड़ गये हैं, उन्हें मिलाने के लिए त्वरित प्रयास किये जाएं। हैलीकाप्टर का सदुपयोग करते हुए निगरानी बढ़ाई जाए। सतयुग से चली आ रही ‘शाही स्नान’ की अखण्ड-अमृत परंपरा को निरंतर रखते हुए, राहत कार्यों के समानांतर सुरक्षित प्रबंधन के बीच ‘मौनी अमावस्या के शाही स्नान’ को संपन्न कराने की व्यवस्था की जाए। श्रद्धालुओं से भी हमारी अपील है कि वो इस कठिन समय में संयम और धैर्य से काम लें और शांतिपूर्वक अपनी तीर्थयात्रा संपन्न करें। सरकार आज की घटना से सबक लेते हुए श्रद्धालुओं के रुकने, ठहरने, भोजन-पानी व अन्य सुविधाओं के लिए अतिरिक्त प्रबंध करे। हादसे में आहत हुए सभी लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना।
प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ के कारण कई लोगों के मौत और कईयों के घायल होने की ख़बर अत्यंत दुखद है।
शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की आशा करता हूं।
इस दुखद घटना के लिए कुप्रबंधन, बदइंतजामी और आम श्रद्धालुओं की जगह VIP…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 29, 2025
वीआईपी कल्चर पर लगे लगाम
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ के कारण कई लोगों के मौत और कईयों के घायल होने की ख़बर अत्यंत दुखद है। शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की आशा करता हूं। इस दुखद घटना के लिए कुप्रबंधन, बदइंतजामी और आम श्रद्धालुओं की जगह VIP मूवमेंट पर प्रशासन का विशेष ध्यान होना ज़िम्मेदार है। अभी महाकुंभ का काफी समय बचा हुआ है, कई और महास्नान होने हैं। आज जैसी दुखद घटना आगे न हो इसके लिए सरकार को व्यवस्था में सुधार करना चाहिए। VIP कल्चर पर लगाम लगनी चाहिए और सरकार को आम श्रद्धालुओं के जरूरतों की पूर्ति के लिए बेहतर इंतजाम करने चाहिए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं से अनुरोध करता हूं कि पीड़ित परिवारों की मदद करें।
महाकुंभ किसके लिए है?
VVIP के लिए विशेष इंतजाम,
और आम श्रद्धालुओं के साथ ऐसा भेदभाव। pic.twitter.com/Cbm1NMCcyR— Srinivas BV (@srinivasiyc) January 27, 2025