Nagpur: बागेश्वर धाम पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर लगा बड़ा आरोप, जेल हुई तो नहीं होगी जमानत, तय कार्यक्रम से 2 दिन पहले ही खत्म कर दी कथा, देखें पूरा मामला, वीडियो
झाड़-फूक करने और भूत भगाने का दावा करने वाले कथावाचक बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर नागपुर में बड़ा आरोप लगा है। नतीजतन कथा को तय कार्यक्रम से दो दिन पहले ही छोड़कर वहां से वह रवाना हो गए हैं। इस सम्बंध में सोशल मीडिया पर जमकर खबरें वायरल हो रही हैं। इसी के साथ आरोप पत्र भी वायरल हो रहा है, जो कि अंधश्रद्धा उन्मूलन समिति द्वारा लिखा गया है।
बता दें कि हाल ही में नागपुर के रेशमबाग में धीरेंद्र शास्त्री की राम कथा और दिव्य दरबार का आयोजन किया जा रहा था, जहां सैकड़ों की भीड़ पहुंच रही थी। बताया जा रहा है कि इस कथा में सबसे अधिक भीड़ मध्यप्रदेश से आने वाले लोगों की थी। बताया जा रहा है कि कथा 5 जनवरी को शुरू हुई थी और इसका समापन 13 जनवरी को होने वाला था, लेकिन कथा को दो दिन पहले अर्थात 11 जनवरी को समाप्त कर दी गई।
बताया जा रहा है कि कथा के दौरान 7 जनवरी और 8 जनवरी को दिव्य दरबार का आयोजन हुआ था, जिसमें लोग अपनी अर्जी की सुनवाई के लिए यहाँ पहुंचे थे। जानकारी सामने आई है कि इसी दौरान महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक न्याय व विशेष सहायक विभाग के अंतर्गत जादू टोना विरोधी कानून के अंतर्गत बनायीं गयी अंधश्रद्धा उन्मूलन समिति ने राम कथा के नाम पर जादू टोने और अंधविश्वास फ़ैलाने का आरोप लगाते हुए धीरेंद्र शास्त्री को चुनौती दे डाली।

समिति के अध्यक्ष श्याम मानव ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री दैवीय शक्ति साबित करें तो मैं 30 लाख रुपए दूंगा और अंधविश्वास उन्मूलन का काम बंद कर दूंगा। इसी के साथ श्याम मानव ने आरोप लगाया कि “दिव्य दरबार’ और ‘प्रेत दरबार’ की आड़ में जादू टोना को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही देव-धर्म के नाम पर आम लोगों को लूटने, धोखाधड़ी और शोषण भी किया जा रहा है।” समिति ने पुलिस से धीरेंद्र शास्त्री पर कार्रवाई करने की मांग भी की। इस पर पुलिस कमिश्नर और फिर नागपुर क्राइम ब्रांच के पास दो बार शिकायत की गयी है। समिति का कहना है कि अगर मध्य प्रदेश जाकर पुलिस धीरेंद्र शास्त्री को गिरफ्तार नहीं करती तो समिति बड़ा आंदोलन करेगी।
देखें क्या कहता है कानून
समिति के अध्यक्ष श्याम मानव ने मीडिया को जानकारी दी कि कथा के नाम पर जो हो रहा है वो साफ़ साफ़ जादू टोने और अंधश्रद्धा फ़ैलाने का काम है और बार-बार पुलिस से शिकायत करने के बाद आयोजकों द्वारा इस बात का पता चला है कि उन्होंने इस कथा को 2 दिन पहले ख़त्म करने का फैसला लिया है, क्योकि जिस तरह से ये कानून है और धीरेन्द्र शास्त्री ने इस दिव्य दरबार के नाम से जो कानून का उल्लंघन किया है। ऐसे में इस कानून के तहत जेल जाना तय है और अगर उनको जेल होती है तो जमानत भी नहीं होगी, क्योंकि इस कानून के तहत जमानत का भी प्रावधान नहीं है।
दो दिन पहले खत्म हुई कथा ने उठाए कई सवाल
दो दिन पहले ही कथा समाप्त करने को लेकर धीरेंद्र शास्त्री पर कई सवाल खड़े किए जा रहे हैं। सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या वाकई में अंधश्रद्धा उन्मूलन समिति द्वारा शिकायत की वजह से कथा 2 दिन पहले ख़त्म कर दी गई या फिर कोई और वजह रही। अगर कोई और वजह थी, तो फिर उसे बताया क्यों नहीं गया। सवाल ये भी खड़ा हो रहा है कि अगर कथा 11 को ही समाप्त होनी थी तो बांटे गए कार्यक्रम वाले पर्चे में कथा के समापन की तारीख 13 जनवरी क्यों लिखी है। जबकि यहाँ कई राज्यों और जिलों से भक्त कथा सुनने और महाराज के दर्शन करने के लिए आए थे और कथा दो दिन पहले समाप्त हुई तो लोग खुद को ठगा सा महसूस कर रहे थे।
देखें कथा में कौन-कौन हुआ था शामिल
सोशल मीडिया पर वायरल खबरों के मुताबिक नागपुर के रेशमबाग मैदान में हुई बागेश्वर धाम महाराज की राम कथा में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ ही उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित भारतीय जनता पार्टी के कई विधायक और बड़े नेता भी पहुंचे थे। इन्हीं सबको लेकर समिति पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि महाराष्ट्र सरकार की जादू-टोना विरोधी कानून प्रचार-प्रसार कार्यक्रम अमल समिति के अध्यक्ष महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हैं और श्याम मानव सह अध्यक्ष हैं। बताते हैं कि उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जादू-टोना विरोधी कानून के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
तो वहीं श्याम मानव ने मीडिया को जानकारी दी कि सामाजिक न्याय विभाग का प्रभार फिलहाल मुख्यमंत्री के पास है। सम्बंधित विभाग का मंत्री ही समिति का अध्यक्ष होता है। नौ विभाग के सचिव भी इसमें शामिल हैं, जबकि कथा में देवेंद्र फडवीस, नितिन गडकरी जैसे वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए थे। इस पर सोशल मीडिया पर समिति पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं, और कहा जा रहा है कि एक तरफ तो समिति के पदाधिकारी धीरेंद्र शास्त्री पर जादू-टोना का आरोप लगा रहे हैं तो दूसरी तरफ सरकार के जिम्मेदार लोग कथा में शामिल होकर इसका समर्थन भी कर रहे हैं। जब इससे सम्बंधित सवाल समिति से किया गया तो इसका कोई जवाब समिति नहीं दे सकी। (फोटो-सोशल मीडिया)

आयोजन समिति ने ये दी सफाई
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर आयोजन समिति ने अपना पक्ष रखते हुए मीडिया को जानकारी दी है कि सस्ती लोकप्रियता के लिए अंधश्रद्धा उन्मूलन समिति ये सब काम कर रही है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री महाराज ने कभी किसी चमत्कार करने को लेकर दावा नहीं किया। जो भी होता है वो सबके सामने होता है। रही बात कार्यक्रम दो दिन पहले समाप्त होने की तो, महाराज को कैंसर अस्पताल की योजना को लेकर 11 को ही यहां से जाना था, चूंकि पर्चे पहले छप चुके थे तो इसीलिए लोगों को लगा कि कार्यक्रम 13 तक है। इसी तरह रायपुर की कथा में भी दो दिन कम किए गए हैं।