क्या नीट का पेपर खाली छोड़ने वाले भी बन सकेंगे डॉक्टर? NEET PG में SC-ST-OBC की नई कट-ऑफ पर छिड़ी जोरदार बहस-Video
NEET PG Cut-Off Revised: सोशल मीडिया पर ऐसी तमाम मीम्स वायरल हो रही है जिसमें दावा किया जा रहा है कि अब नीट का पेपर खाली छोड़ने वाले भी डॉक्टर बन सकेंगे और फिर इस तरह से बने झोलाछाप डॉक्टरों का इलाज करते और मरीज को परेशान होते दिखाया जा रहा है.
दरअसल नीट पीजी की नई मिनिमम कट-ऑफ के सामने आने के बाद से ही इस पर बहस तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, SC ST और OBC कैंडिडेट्स के लिए नीट पीजी के कम से कम क्वालिफाइंग कट-ऑफ मार्क्स 40 से घटाकर सीधे -40 कर दिया गया है और इस सम्बंध में कई लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं.
And here we are, a score of -40/800 can get you a doctor’s Post grad degree. Imagine to fill up seats the kind of specialists the nation will be churning out into a system dealing with human lives.
Our education system really needs to do better to address the shortage! pic.twitter.com/KbTEkeVxmd— Priyanka Chaturvedi🇮🇳 (@priyankac19) January 14, 2026
इसी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने न्यूनतम क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल में ‘इतनी कमी’ को मंजूरी कैसे दे दी? इसको लेकर हर कोई सवाल उठा रहा है और कहा जा रहा है कि क्या नीट का पेपर साल्व किए बगैर ही अभ्यर्थी डॉक्टर बन जाएंगे और फिर बिना पढ़े लिखे लोग जब डॉक्टर बनेंगे तो भला ये इलाज क्या करेंगे?
ये कैसा सामाजिक न्याय?
NEET PG में इस बार SC/ST/OBC वर्ग की कटऑफ –40 कर दी गई है।
मतलब 800 में –40 अंक लाने वाला भी अब मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए “योग्य” माना जाएगा।यह बहस आरक्षण की नहीं है—
यह बहस नीति की गंभीरता, सिस्टम की जवाबदेही और देश की स्वास्थ्य सुरक्षा की है। pic.twitter.com/y0gFB5ZnrG— Voice of Kayastha (@voiceofkayastha) January 15, 2026
किस पर लागू होगा ये
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देशों के सामने आने के बाद नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने NEET-PG 2025 क्वालिफाइंग कट-ऑफ को आधिकारिक तौर पर रिवाइज कर दिया है. इस तरह से लिया गया यह फैसला 2025-26 एकेडमिक सेशन के लिए काउंसलिंग के तीसरे राउंड में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवारों पर लागू होगा.
-40 नंबर वाले भी कर सकेंगे मेडिकल पोस्टग्रेजुएशन
जो नोटिस 13 जनवरी, 2026 को जारी हुआ है, उसकी मानें तो रिवाइज्ड क्वालिफाइंग क्राइटेरिया NEET-PG 2025–26 के तीसरे राउंड की काउंसलिंग पर लागू होता है. इसमें सबसे अधिक चौंकाने वाला बदलाव जो सामने आया है वो ये है कि SC, ST और OBC कैटेगरी के लिए क्वालिफाइंग परसेंटाइल को जो कि पहले 40वें परसेंटाइल का था उसे घटाकर जीरो परसेंटाइल कर दिया गया है. यानी 800 में से अगर माइनस 40 भी आता है तो मेडिकल पोस्टग्रेजुएशन कर सकते हैं. यानी माइनस मार्किंग में अगर -40 भी आता है तो अभ्यर्थी विशेषज्ञता हासिल कर लेगा और चिकित्सक बन जाएगा. इस रिवाइज्ड कट-ऑफ स्कोर ने सभी को हैरान कर के रख दिया है और सोशल मीडिया पर इसको लेकर जोरदार बहस छिड़ी हुई है. सोशल मीडिया यूजर्स भविष्य में डॉक्टर्स की योग्यता और मरीजों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं.
-40 नंबर लाकर डॉक्टर बनने वाले। pic.twitter.com/jtFyP3quGD
— Shubham Shukla (@Shubhamshuklamp) January 15, 2026
FORDA ने की ये मांग
हालांकि FORDA (फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन) ने एक बयान जारी कर कहा है कि एसोसिएशन NEET PG कट-ऑफ स्कोर में मनमानी कटौती की कड़ी निंदा करता है. इसी के साथ ही एसोसिएशन ने इस मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किया है.
FORDA (Federation of Resident Doctors’ Association) strongly condemns the arbitrary reduction of NEET PG cut-off scores; urges Union Health Minister JP Nadda for immediate intervention. pic.twitter.com/sanh0alFAN
— ANI (@ANI) January 14, 2026
सांसद ने भी खड़े किए सवाल
राज्य सभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी, शिवसेना यूबीटी ने इस पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि, और देखिए, -40/800 अंक लाकर भी डॉक्टरेट की स्नातकोत्तर डिग्री हासिल की जा सकती है. ज़रा सोचिए, मानव जीवन से जुड़े मामलों को संभालने वाली इस प्रणाली में देश को किस तरह के विशेषज्ञ तैयार करने होंगे? हमारी शिक्षा प्रणाली को इस कमी को दूर करने के लिए वाकई बेहतर करने की ज़रूरत है.
जानें आखिर -40 नंबर तक क्यों ‘गिर’ गई नीट पीजी की न्यूनतम कट-ऑफ?
दरअसल NEET-PG 2025 का रिजल्ट 19 अगस्त 2025 को जारी हुआ था और तमाम सीटें खाली रह गई थीं. इसके बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने खाली पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सीटों को भरने के लिए न्यूनतम क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल में कमी को मंजूरी देते हुए नया नियम लागू कर दिया. फिलहाल NBEMS ने स्पष्ट किया था कि क्वालिफाइंग कट-ऑफ कम कर दिया गया है, लेकिन NEET-PG 2025 रैंक पहले की तरह ही रहेंगे.
इस सम्बंध में बोर्ड ने जारी किए गए अपने आधिकारिक नोटिस में कहा, ‘पात्रता अस्थायी है और एडमिशन के समय MBBS/FMGE कुल अंकों, फेस आईडी, या बायोमेट्रिक जांच के माध्यम से वेरिफाई की जाएगी.’ मालूम हो कि ऐसा पहली बार हुआ है जब नीट पीजी की कट-ऑफ जीरो पर्सेंटाइल की गई है. इस तरह से पिछले साल इसे 5 पर्सेंटाइल तक कम कर दिया गया था.
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