Nobel Prize 2024: इन देशों में जंग के बीच इस संगठन को दिया गया शांति का नोबेल पुरस्कार… जानें क्या करता है काम?
Nobel Prize 2024: मिडिल ईस्ट से लेकर रूस और यूक्रेन तक में कई महीनों से लगातार जंग जारी है. इस बीच शांति का नोबेल पुरस्कार के विजेता का नाम घोषित किया गया है. फिलहाल परमाणु हथियारों से मुक्त दुनिया की पैरवी करने वाले जापान के संगठन निहोन हिडानक्यो को शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया है.
दरअसल जिस संस्था को नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है वह द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुए परमाणु बम विस्फोटों के पीड़ितों के लिए काम करती है. यह संगठन हिरोशिमा और नागासाकी परमाणु बम विस्फोटों के पीड़ितों का प्रतिनिधित्व करता है. नोबेल समिति ने एक बयान में कहा है कि इस संगठन को परमाणु मुक्त दुनिया की वकालत करने और परमाणु युद्ध की भयावहता पर उसके काम के लिए शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया है. नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने निहोन हिडानक्यो को यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया है.
1956 में बना था संगठन
निहोन हिडानक्यो 1956 में बना था. इसका मिशन परमाणु हथियारों के विनाशकारी मानवीय परिणामों के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाना है. जापान में परमाणु बम विस्फोटों को करीब 80 साल बीत जाने के बावजूद भी परमाणु हथियार दुनिया के लिए खतरा बने हुए हैं. समिति ने कहा कि परमाणु हथियारों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है. जैसे-जैसे नए खतरे सामने आ रहे हैं, उनके इस्तेमाल के खिलाफ मानदंड दबाव में है. तो वहीं नोबेल समिति ने परमाणु हथियारों के खिलाफ वैश्विक विरोध उत्पन्न करने और उसे बनाए रखने के उनके अटूट प्रयासों के लिए निहोन हिडांदक्यो की काफी सराहना की है.
इस साल अभी तक इनको मिल चुका है नोबेल पुरस्कार
साहित्य के क्षेत्र में 2024 का नोबेल पुरस्कार दक्षिण कोरियाई लेखिका हान कांग को दिया गया. उनके गहन काव्यात्मक गद्य के लिए यह सम्मान दिया गया है. द वेजिटेरियन, द व्हाइट बुक, ह्यूमन एक्ट्स और ग्रीक लेसन्स आदि पुस्तकें शामिल हैं.
रसायन विज्ञान के क्षेत्र में 2024 का नोबेल पुरस्कार इस साल तीन लोगों को दिया गया है. रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज के मुताबिक, इस अवॉर्ड का आधा हिस्सा डेविड बेकर को कम्प्यूटेशनल प्रोटीन डिजाइन के लिए दिया जाएगा। इसके अलावा इसे संयुक्त रूप से डेमिस हसाबिस और जॉन एम. जम्पर को प्रोटीन संरचना भविष्यवाणी के लिए दिया जाएगा।
भौतिकी का नोबेल पुरस्कार-2024 अमेरिकी वैज्ञानिक जॉन हॉपफील्ड और ब्रिटिश-कनाडाई जेफ्री हिंटन को मशीन लर्निंग में खोजों और आविष्कारों के लिए दिया गया, जिसने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में उछाल का मार्ग प्रशस्त किया।
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