सनातन संस्कृति को 200 साल बाद मिला नायाब हीरा…19 साल के इस युवक के मोदी-योगी भी हुए फैन-Video
PM Modi News: आज कल युवा जहां अंग्रेजी में गिटपिट करना और दिन भर मोबाइल में लगे रहते हैं व खुद को भारतीय संस्कृति से जोड़ने में शर्म महसूस करते हैं तो वहीं महाराष्ट्र के एक युवक ने 19 साल की उम्र में मात्र 50 दिनों में वो कार्य कर दिया है कि उसकी प्रशंसा करने से पीएम मोदी भी खुद को नहीं रोक सके तो वहीं सीएम योगी ने भी युवक की जमकर तारीफ की है और आज के युवाओं को उनसे सीखने का संदेश दिया है.
वो तो सभी जानते हैं कि वाराणसी यानी काशी को विद्वानों की नगरी कहा जाता है और यहां पर न केवल देश बल्कि विदेशों से भी लोग आते हैं. साथ ही यहां संस्कृत के साथ ही शास्त्रों व वेदों को जीवंत रखने के लिए बड़ी संख्या में युवा लगे हुए हैं. इन्हीं युवाओं में महाराष्ट्र के रहने वाले देवव्रत महेश रेखे ने कुछ ऐसा कर दिया है जिससे वर्तमान पीढ़ी को भारतीय सनातन परंपरा से जुड़ने के लिए प्रेरणा मिली है.
सनातन धर्म की जय हो 🔱📯🚩🙏 pic.twitter.com/iOWDFCiQ4C
— Mahant Adityanath 2.0🦁 (@MahantYogiG) December 2, 2025
देवव्रत ने 50 दिनों में हासिल की ये बड़ी उपलब्धि
दरअसल 19 साल के देवव्रत महेश रेखे ने शुक्ल यजुर्वेद की माध्यन्दिन शाखा के 2000 मंत्रों वाले ‘दण्डकर्म पारायणम्‘ को मात्र 50 दिनों में ही पूरा कर लिया वो भी बिना किसी बाधा के. जबकि कई विद्वानों का दावा है कि इस कार्य को पूरा करने में कई महीने व साल तक लग जाते हैं लेकिन देवव्रत ने इसे मात्र 50 दिनों में ही पूरा कर लिया ये बड़ी बात है. उन्होंने वाराणसी के रामघाट स्थित सांग्वेद विद्यालय विद्यालय मे यह उपलब्धि हासिल की है. बता दें कि सांग्वेद विद्यालय प्रधानमंत्री मोदी के 2024 लोकसभा चुनाव मे प्रस्तावक विद्वान पं. गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ द्वारा संचालित किया जाता है. देवव्रत महेश मूलतः महाराष्ट्र के रहने वाले हैं.
25 लाख+ पद, करोड़ों शब्द
50 दिन लगातार, बिना भूल-बिना ग्रंथ देखे
सीधा-उल्टा एक ही वेग से पारायण
1000 वर्षों में सिर्फ दूसरी बार
यह उपलब्धि वेदपरंपरा, गुरुपरंपरा और ब्रह्मविद्या-तीनों की असाधारण विजय है। 🙏🌺 pic.twitter.com/6kLt4Rsdz7— प्रतीक्षा (@Dharmic_wisdom) December 1, 2025
दावा
अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में मुख्य पुजारी की भूमिका निभाने वाले स्व. पंडित लक्ष्मीकांत दीक्षित के परिवार की ओर से इस सम्बंध में एक बयान सामने आया है. उन्होंने भी कहा है कि देवव्रत की यह उपलब्धि कोई मामूली बात नहीं है. बता दें कि स्व. पंडित लक्ष्मीकांत दीक्षित का परिवार भी महाराष्ट्र की प्राचीन विरासत और परंपरा से भली भांति परिचित हैं. परिवार के लोगों ने कहा कि इस कार्य के लिए अधिक अवधि लगती है. देवव्रत ने भारतीय सनातन परंपरा के प्रति अपने अपार समर्पण को साबित किया है.
तो वहीं सोशल मीडिया पर दंडक्रम पारायण को जानने वालों का दावा है कि देवव्रत महेश रेखे ने दो अक्टूबर से 30 नवंबर तक वाराणसी के वल्लभराम शालिग्राम सांगवेद विद्यालय में दंडक्रम पारायण किया. यह काम 200 साल में पहली बार काशी में हुआ.
एक सोशल मीडिया यूजर ने ये भी जानकारी उपलब्ध कराई है कि दुनिया में अभी तक दो ही बार दंडक्रम का पारायण हुआ है जिसमें से महेश रेखे ऐसा करने वाले दूसरे व्यक्ति हैं और पहले व्यक्ति 200 साल पहले नासिक में वेदमूर्ति नारायण शास्त्री देव ने दंडक्रम का पारायण किया था.
19 वर्ष के देवव्रत महेश रेखे जी ने जो उपलब्धि हासिल की है, वो जानकर मन प्रफुल्लित हो गया है। उनकी ये सफलता हमारी आने वाली पीढ़ियों की प्रेरणा बनने वाली है।
भारतीय संस्कृति में आस्था रखने वाले हर एक व्यक्ति को ये जानकर अच्छा लगेगा कि श्री देवव्रत ने शुक्ल यजुर्वेद की माध्यन्दिन… pic.twitter.com/YL9bVwK36o
— Narendra Modi (@narendramodi) December 2, 2025
पीएम मोदी ने कही ये बात
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर लिखा, “19 वर्ष के देवव्रत महेश रेखे जी ने जो उपलब्धि हासिल की है, वो जानकर मन प्रफुल्लित हो गया है. उनकी ये सफलता हमारी आने वाली पीढ़ियों की प्रेरणा बनने वाली है.भारतीय संस्कृति में आस्था रखने वाले हर एक व्यक्ति को ये जानकर अच्छा लगेगा कि श्री देवव्रत ने शुक्ल यजुर्वेद की माध्यन्दिन शाखा के 2000 मंत्रों वाले ‘दण्डकर्म पारायणम्‘ को 50 दिनों तक बिना किसी अवरोध के पूर्ण किया है. इसमें अनेक वैदिक ऋचाएं और पवित्रतम शब्द उल्लेखित हैं, जिन्हें उन्होंने पूर्ण शुद्धता के साथ उच्चारित किया.ये उपलब्धि हमारी गुरु परंपरा का सबसे उत्तम रूप है.” पीएम मोदी ने इसी पोस्ट में आगे लिखा, “काशी से सांसद के रूप में, मुझे इस बात का गर्व है कि उनकी यह अद्भुत साधना इसी पवित्र धरती पर संपन्न हुई। उनके परिवार, संतों, मुनियों, विद्वानों और देशभर की उन सभी संस्थाओं को मेरा प्रणाम, जिन्होंने इस तपस्या में उन्हें सहयोग दिया.”
काशी में बुजुर्ग विद्वानों के सामने मात्र १९ वर्षीय चि. देवव्रत महेश रेखे द्वारा दण्डक्रम पारायण करते हुए pic.twitter.com/whMnROyDnp
— DK Rajpurohit 🇮🇳 (@DeviSin61134860) December 2, 2025
सीएम योगी ने कही ये बात
सीएम योगी ने देवव्रत का सम्मान किया और कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर शेयर करते हुए लिखा, “महाराष्ट्र के 19 वर्षीय युवा वैदिक साधक श्री देवव्रत महेश रेखे जी ने अद्वितीय साधना और अद्भुत स्मरण शक्ति से 2000 वैदिक मंत्रों को कंठस्थ करते हुए जो अभूतपूर्व उपलब्धि अर्जित की है, वह पूरे आध्यात्मिक जगत के लिए प्रेरणा का नव-दीप है. शुक्ल यजुर्वेद की माध्यन्दिन शाखा के ‘दण्डकर्म पारायणम्’ को 50 दिनों तक अखंड, शुद्ध और पूर्ण अनुशासन के साथ संपन्न करना, हमारी प्राचीन गुरु-परंपरा के गौरव का पुनर्जागरण है. मेरे लिए विशेष गर्व का विषय है कि यह वैदिक अनुष्ठान पवित्र काशी की ही दिव्य धरा पर सम्पन्न हुआ. उनके परिवार, आचार्यों, संत-मनीषियों और उन सभी संस्थाओं का हृदय से अभिनंदन, जिनके सहयोग से यह तपस्या सिद्धि को प्राप्त हुई. देवव्रत जी, आपकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का प्रकाश-स्तंभ बने, ऐसी मंगलकामना के साथ हार्दिक बधाई.”
महाराष्ट्र के 19 वर्षीय युवा वैदिक साधक श्री देवव्रत महेश रेखे जी ने अद्वितीय साधना और अद्भुत स्मरण शक्ति से 2000 वैदिक मंत्रों को कंठस्थ करते हुए जो अभूतपूर्व उपलब्धि अर्जित की है, वह पूरे आध्यात्मिक जगत के लिए प्रेरणा का नव-दीप है।
शुक्ल यजुर्वेद की माध्यन्दिन शाखा के… pic.twitter.com/7QseMbDnuW
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 2, 2025
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