Sawan-2023: पंचक में पड़ रहा है सावन का पहला सोमवार, इस खास मुहूर्त में करें रुद्राभिषेक, बोले ये मंत्र, दूर करें संदेह
Sawan-2023: सावन शुरू हो चुका है और सावन के पहले सोमवार का इंतजार कर रहे शिव भक्तों का इंतजार भी खत्म हो गया है. 10 जुलाई कल ही है और सावन का पहला सोमवार पड़ रहा है. आचार्यों की मानें तो सावन के पहले सोमवार के दिन पंचक के योग बन रहे हैं. इसी के साथ रेवती नक्षत्र का प्रभाव भी रहेगा. हालांकि, सावन पर बहुत ही शुभ संयोग बन रहे हैं. लेकिन पहले सोमवार के दिन पंचक लगने से भगवान शिव की पूजा और रुद्राभिषेक के समय को लेकर भक्तों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है. ऐसे में आचार्यों ने संदेह दूर करते हुए सुझाव दिया है.
जानें कब है सावन के पहले सोमवार पंचक का समय
बता दें कि पंचक 6 जुलाई से चल रहा है. तो वहीं सोमवार को शाम को 6 बजकर 59 मिनट तक रहेगा. इस सम्बंध में आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री कहते हैं कि भोले बाबा के दिन पर किसी भी तरह से पंचक का प्रभाव नहीं पड़ता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पंचक या भद्रा में पूजा पाठ करने पर कोई रोक नहीं होती है. दूसरे गुरुवार के दिन से पंचक शुरू हुआ था, इसलिए ये हानिकारक नहीं है. तो वहीं त्रिदेवों में से एक भगवान शिव के पावन सावन महीने में सभी ग्रह दशाएं भी अपने विपरीत प्रभाव का असर दिखा पाती. इसलिए ज्योतिषियों के अनुसार इस पूरे दिन पंचक का असर बिल्कुल न के बराबर रहेगा. ऐसे में बिना किसी हिचक के सावन पर किसी भी समय पर रुद्राभिषेक किया जा सकता है.
ये हैं शुभ मुहूर्त
वैसे तो पूरा दिन रुद्राभिषेक किया जा सकता है. लेकिन बता दें कि सावन के पहले सोमवार यानी श्रावण अष्टमी तिथि की सुबह से लेकर शाम 06 बजकर 43 मिनट तक रहेगी. इसके अलावा इस दिन सुकर्मा योग दोपहर 12 बजकर 34 मिनट से लेकर रात तक रहेगा. तो इसी के साथ इस दिन के शुभ मुहूर्त या अभिजित मुहूर्त कि तो यह 11 बजकर 59 मिनट से लेकर दोपहर के 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा.
इन मंत्रों के साथ करें रुद्राभिषेक
ओम नम: शम्भवाय च मयोभवाय च नम: शंकराय च मयस्कराय च नम: शिवाय च शिवतराय च ॥
ईशानः सर्वविद्यानामीश्व रः सर्वभूतानां ब्रह्माधिपतिर्ब्रह्मणोऽधिपति ब्रह्मा शिवो
मे अस्तु सदाशिवोय् ॥
तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
अघोरेभ्योथघोरेभ्यो घोरघोरतरेभ्यः सर्वेभ्यः सर्व सर्वेभ्यो नमस्ते अस्तु रुद्ररुपेभ्यः
DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)