नेपाल आंदोलन में मारे गए युवा शहीद घोषित…परिजनों को दी जाएगी इतनी रकम; पहली महिला PM सुशीला कार्की का राष्ट्र के नाम पहला सम्बोधन-Video
Sushila Karki Nepal’s First women PM: नेपाल में Gen-Z के आंदोलन के बीच कार्यवाहक प्रधानमंत्री के तौर पर सुशीला कार्की ने कमान संभाल ली है. इस तरह से कठिन परिस्थियों में नेपाल की पहली महिला पीएम बन कर उन्होंने इतिहास रच दिया. उन्होंने रविवार यानी आज देश की सत्ता सम्भाली और इसी के साथ ही तीन दिन तक चले Gen Z के आंदोलन के बाद उनको खुशी देने वाली खबर सामने आई है.
दरअसल सुशीला कार्की न सिर्फ विपरीत परिस्थितियों में नेपाल की सत्ता संभाली और चार्ज लेने के साथ ही पहली बार राष्ट्र को संबोधित भी किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि नेपाल की सत्ता उनके हाथ में ऐसे वक्त में आई है कि वे इसे लेकर खुश होने के बजाय बड़ी जिम्मेदारी मानकर इसे सबके सहयोग से पूरा करेंगी. सोशल मीडिया पर वायरल उनके बयान में उन्होंने देश में 27 घंटे तक चले हिंसक प्रदर्शनों का जिक्र किया और कहा कि देश का काफी नुकसान हो चुकी है. ऐसी लूटपाट नेपाल ने इतिहास में पहली बार देखी है.
काठमांडू: नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री का पदभार संभालने के बाद सुशीला कार्की ने कहा, “बर्बरता की घटना में शामिल लोगों की जांच की जाएगी। मैं और मेरी टीम यहां सत्ता का स्वाद चखने नहीं आए हैं। हम 6 महीने से ज़्यादा नहीं रुकेंगे। हम नई संसद को ज़िम्मेदारी सौंप देंगे। आपके सहयोग के… pic.twitter.com/gxkDommKr7
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 14, 2025
आंदोलन में मारे गए युवा शहीद घोषित
सम्बोधन में सुशीला कार्की ने कहा कि इस आंदोलन में मारे गए सभी युवाओं को सरकारी रूप से शहीद घोषित किया जाएगा. इसी के साथ ही उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को आर्थिक मदद भी उनकी सरकार देगी और घायलों को भी सहायता दी जाएगी. कार्की ने अपने सम्बोधन में कहा ‘मुझे उन परिवारों का दुख गहराई से महसूस होता है, जिन्होंने अपने स्कूल या कॉलेज जाने वाले बच्चों को खोया है. इन शहीदों के परिवारों को 10 लाख नेपाली रुपये की सहायता दी जाएगी.’
BREAKING: Sushila Karki sworn-in as the first Female Prime Minister of Nepal at Shital Niwas in Kathmandu. She was the first female Chief Justice of Nepal. First Cabinet meeting to dissolve the Nepal Parliament.
She was chosen by Gen Z’s following a revolution that forced the… pic.twitter.com/yg5M2IoQA7
— Inibehe Effiong (@InibeheEffiong) September 12, 2025
नहीं रुकेंगे 6 महीने से ज्यादा
सुशीला कार्की ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए नेपाल में हुए जेनजी आंदोलन को बर्बरता की घटना बताया और कहा कि, “मैं और मेरी टीम यहां सत्ता का स्वाद चखने नहीं आए हैं. वह आगे बोलीं कि हम 6 महीने से ज़्यादा नहीं रुकेंगे। नई संसद को ज़िम्मेदारी सौंप देंगे. बिना जनता के सहयोग के हम सफल नहीं हो सकते. इसी के साथ ही उन्होंने कहा कि बर्बरता की घटना में शामिल लोगों की जांच की जाएगी।
बता दें कि नेपाल में 73 साल की सुशीला कार्की ने उस समय देश की सत्ता सम्भाली है जब केपी शर्मा ओली की सरकार Gen Z आंदोलन के बाद इस्तीफा देकर देश छोड़ कर भाग चुकी है और देश में अस्थिरता की स्थिति बनी हुई है. इस आंदोलन में जेन जी ने जमकर उत्पात काटा है और खूब लूटपाट मचाई. संसद को आग के हवाले झोक दिया और न जाने कितनी ही इमारतों को आग में झोक दिया. मंत्रियों के घरों को लूट लिया और तमाम दुकानों को भी लूट लिया.
ऐसे वक्त में देश की पहली महिला पीएम बनकर कार्की ने साबित कर दिया कि जब कभी भी किसी को कोई रास्ता नजर नहीं आता तब एक महिला ही रोशनी बनकर सामने आती है. वह देश की पहली महिला न्यायाधीश भी रह चुकी हैं और जेनजी की पहली पसंद बनी हुई हैं. पीएम चुने जाने के बाद ही वह घायलों को देखने के लिए अस्पताल भी पहुंचीं. सोशल मीडिया पर उनके कई वीडियो वायरल हो रहे हैं.
नुकसान की तैयार होगी रिपोर्ट
काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार नेपाल की नई सरकार ने 57 घायल पुलिसकर्मियों के साथ ही 134 घायल प्रदर्शनकारियों के चिकित्सा उपचार की घोषणा की है. स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक नेपाल में हुए विरोध प्रदर्शनों में 72 लोगों की जान गई है. इसमें 59 प्रदर्शनकारी, 10 कैदी और तीन पुलिस अधिकारी शामिल हैं. तो वहीं द हिमालयन टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालयों को विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुए नुकसान का विस्तृत विवरण देने वाली रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है.
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