सुशीला कार्की ने कहा कि इस आंदोलन में मारे गए सभी युवाओं को सरकारी रूप से शहीद घोषित किया जाएगा.
देश भर में इंटरनेट की स्पीड 12 घंटे तक धीमी रही. बता दें कि यहां पर विरोध प्रदर्शन उस समय भड़का जब सरकार द्वारा नियुक्त एक ट्रस्टी ने रिपब्लिकन पीपल्स पार्टी (CHP) के मुख्यालय पर नियंत्रण करने की कोशिश की.
नेपाल में युवाओं के उग्र प्रदर्शन के बाद सेना ने उनको कंट्रोल करने की कोशिश की .
देश में फेसबुक, एक्स, यूट्यूब, व्हाट्सएप आदि ऐप खुलने लगे हैं. हालांकि इसको लेकर अभी सरकार या फिर इंटरनेट कंपनियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.