संध्या के समय माताएं कथा सुनती हैं फिर तारों को अर्घ्य देकर अपना व्रत पूर्ण करती हैं।
इस दिन मां सरस्वती को पीले रंग के वस्त्र धारण करा कर पीले रंग की ही मिठाई का भोग लगाना चाहिए. बेसन के लड्डू, मालपुआ, केसर का हलवा आदि का भोग लगाना शुभ माना जाता है.
आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि, सरस्वती पूजन के लिए एक दिन पहले से ही नियमपूर्वक रहना चाहिए.
बंगाल के रहने वाले लोग सरस्वती पूजा या बसंत पंचमी से पहले बेर खाने से परहेज करते हैं। इस बारे में ब्राह्मण संहिता और रामायण जैसे कई पुराने ग्रंथों में बेर का उल्लेख मिलता है।