शिक्षकों और छात्रों के लिए कार्यशालाएं, फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम आदि का भी आयोजन होगा. एकेटीयू नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी गांधीनगर को इनक्यूबेशन और उद्यमिता के क्षेत्र में सहयोग देगा.
स्थलीय चीजों को सुधारने के साथ कई बैठकों और कार्यों के संयोजन के बाद सेल्फ एसेसमेंट रिपोर्ट (SSR) नैक में जमा की गई और इसी के बाद विश्वविद्यालय को बड़ी सफलता मिली.
विशेषज्ञ बताते हैं कि ऑटोकैड एक बहुत ही शानदार कंप्यूटर-एडेड डिज़ाइन (CAD) सॉफ़्टवेयर है जो 2D और 3D डिज़ाइन और ड्राफ्टिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
कंपनी के विशेषज्ञ छात्रों का मार्गदर्शन करेंगे और छात्रों को नई तकनीकी में दक्ष बनाएंगे.
इन अभ्यर्थियों को 25 एवं 26 अक्टूबर को सीट कंफर्मेशन फीस भरनी होगी।
E-Auction प्रतियोगिता एवं “एडवांस वायरलेस सिस्टम्स के लिए एंटीना डिज़ाइन: थ्योरी से प्रैक्टिकल तक” विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया।
यह संस्था एक प्रतिष्ठित वार्षिक रैंकिंग है जो कि दुनिया भर के शीर्ष 2 प्रतिशत सबसे उद्धृत वैज्ञानिकों की पहचान करती है और उनको दुनिया के सामने लाने का काम करती है.
क्लीनिकल ट्रायल की सुविधा मिलने से स्टार्टअप अपने शोध की परख आसानी से कर सकेंगे।
आगे भाषण में बच्चों से खुद पर विश्वास रखने की सलाह दी। अपने मिशन के लांच में हो रही देरी का भी जिक्र किया।
चार नये राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, जिसमें आरईसी बस्ती, आरईसी, गोण्डा, आरईसी प्रतापगढ़ एवं आरईसी मिर्जापुर में नर्य इमर्जिंग पाठ्यक्रमों के संचालन को मंजूरी दी गयी है।