लखनऊ विश्वविद्यालय से प्रो. आलोक कुमार राय और केरल विश्वविद्यालय से प्रो. मोहनन कुन्नुम्मल।
डॉ. हिमांशु पांडेय ने आगे ये भी बताया कि एचसीएल कंपनी की तीसरे चरण की चयन प्रक्रिया वर्तमान में चल रही है।
जर्मनी के प्रख्यात विद्वान प्रो. उलरिच बर्क ने इस अवसर पर वैज्ञानिक विचारों के आदान-प्रदान और सांस्कृतिक सहयोग के लिए ऐसे सम्मेलनों के महत्व को रेखांकित किया।
प्लेसमेंट ब्रोशर 2025 भर्तीकर्ताओं और छात्रों के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.lkouniv.ac.in और इंस्टाग्राम चैनल: @luplacement पर उपलब्ध है.
बीरबल साहनी जीवाश्म विज्ञान संस्थान और वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. एमजी ठक्कर ने भूविज्ञान विभाग की प्रतिष्ठा को सराहा।
आज के तेज़ी से बदलते और प्रतिस्पर्धी वातावरण में छात्रों और पेशेवरों को उन समस्याओं को पहचानने की क्षमता विकसित करनी चाहिए.