जांच प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि ऐसी जांच होनी चाहिए जिस पर सभी पक्षों को भरोसा हो.
अब जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग सरकार से की है और खुद को उससे जान का खतरा बताया है.
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ लगातार अपमानजनक टिप्पणी की जा रही हैं.