कनागत के दौरान हमें नियमित रूप से अपने पितरों को जल अर्पित करना चाहिए। दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जल देना चाहिए।
पूजा के समय गंध रहित धूप की ही केवल प्रयोग करें। बिल्व फल प्रयोग न करें और केवल घी का धुआं भी न करें।
भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी व्रत मनाया जाता है। इस बार यह 19 सितंबर दिन रविवार…