Lucknow University: लखनऊ विश्वविद्यालय के द्वितीय परिसर मे चल रहे पांच दिवसीय सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के महाकुम्भ ‘संस्कृति सुरभि’ का शनिवार…

कोहनी शक्ति विकासक क्रिया, भुजबल्ली शक्ति विकासक क्रिया तथा घुटना चालन व भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास करना चाहिए।

इस प्रतियोगिता में विशेष रूप से प्रथम वर्ष के छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए।

जेंडर सामाजिक अवधारणा है और कोई भी काम महिला या पुरुष का नहीं होता बल्कि दोनों को साझेदारी के रूप में हर कार्य को करना चाहिए।

बीरबल साहनी जीवाश्म विज्ञान संस्थान और वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. एमजी ठक्कर ने भूविज्ञान विभाग की प्रतिष्ठा को सराहा।

आज के तेज़ी से बदलते और प्रतिस्पर्धी वातावरण में छात्रों और पेशेवरों को उन समस्याओं को पहचानने की क्षमता विकसित करनी चाहिए.