विधि संकाय से नित्य ऐसे चयन हो रहे हैं जो छात्रों की उनके लक्ष्य के प्रति दृढ़-प्रतिबद्धता एवं संकाय की उत्कृष्टता सिद्ध करता है।
एआईसीटीई की मान्यता हमारे संस्थान की तकनीकी शिक्षा में उत्कृष्टता को दर्शाती है।
यह सम्मान 7 मार्च 2025 को राष्ट्रीय सम्मेलन – नवाचार और पर्यावरण प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीकों के अवसर पर दिया गया.
ऑनलाइन टेक्निकल टेस्ट, ग्रुप डिस्कशन और टेक्निकल इंटरव्यू को उत्तीर्ण कर बीटेक के 32 छात्रों का चयन सॉफ़्टवेयर इंजीनियर पद पर हुआ.
विश्वास रखते हैं कि यह अवसर उन्हें उनके पेशेवर जीवन में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगा।
कुलपति ने कहा कि ऐसे संवाद का आयोजन युवाओं को सही दिशा निर्देश एवं जीवन में सफलता हासिल करने हेतु कारगर साबित होते हैं।
चेतना जीवन का आधार है चेतन व्यक्ति ही अपने जीवन में विकास कर पता है,प्राणायाम के अभ्यास से व्यक्ति में चेतना का विकास होता है।
द्वितीय सत्र के दोपहर 2:00 बजे से 3:00 बजे के मध्य डॉ बृजेंद्र प्रताप सिंह द्वारा अनुलोम विलोम एवं कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास किया गया
उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस खेल महोत्सव की सराहना की, जो छात्रों के सर्वांगीण विकास में सहायक होगा।
प्रो. गीताांजलि मिश्रा की FRES फेलोशिप न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय कीट विज्ञान के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर भी है।