भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान का हिंदुकुश इलाका था. भूकंप की गहराई जमीन के बहुत ही अंदर दर्ज की गई.
भूकंप के झटके इतने तेज थे कि सोफा, घरों की दीवारें, ट्यूब लाइट और पंखे तक हिल गए. इस दौरान लोग घरों व ऑफिस के बाहर निकल आए.
मौसम विभाग की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ों पर एक तरफ जहां बर्फबारी शुरू होगी। तो दूसरी ओर मैदानी इलाकों में हल्की बारिश के बाद ठंड के बढ़ने की सम्भावना बढ़ गई है.