कपड़े पर पिचवाई पेंटिंग की सीखी बारीकियां…चित्रकथी आर्ट स्कूल की कार्यशाला
Art Lovers: चित्रकथी आर्ट स्कूल द्वारा “Pichwai Painting on Textiles Workshop” का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को पारंपरिक पिचवाई कला के साथ-साथ कपड़े पर पेंटिंग करने की तकनीक, रंगों के चयन और विभिन्न प्रकार के टेक्सटाइल्स पर कार्य करने की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था।
कार्यशाला में प्रतिभागियों और कलाकारों को बताया गया कि अलग-अलग प्रकार के कपड़ों पर पेंटिंग करते समय किस तरह की तकनीक और रंगों का प्रयोग किया जाना चाहिए। डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से विभिन्न टेक्सटाइल्स पर ब्रश तकनीक, रंगों के व्यवहार, कपड़े की सतह के अनुसार पेंटिंग प्रक्रिया तथा आवश्यक ट्रीटमेंट की जानकारी दी गई।

वर्कशॉप का संचालन शुभ अग्रवाल द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को पिचवाई कला की बारीकियों से परिचित कराया और कपड़े पर पेंटिंग की पूरी प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझाया। प्रतिभागियों को केवल पेंटिंग बनाना ही नहीं, बल्कि टेक्सटाइल की प्रकृति को समझते हुए उस पर सही तरीके से कार्य करने की जानकारी भी दी गई।
इस अवसर पर चित्रकथी आर्ट स्कूल के निदेशक एवं समकालीन कलाकार आशुतोष वर्धन ने भी प्रतिभागियों के साथ महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने पिचवाई कला के पारंपरिक स्वरूप, आधुनिक समय में इसके प्रयोग तथा टेक्सटाइल पर भारतीय पारंपरिक कला को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और स्वयं कपड़े पर पेंटिंग की तकनीकों का अभ्यास किया। प्रैक्टिकल डेमोंस्ट्रेशन और विस्तृत जानकारी के कारण प्रतिभागियों को इस कला को करीब से समझने और सीखने का अवसर मिला।

कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि टेक्सटाइल पर पिचवाई पेंटिंग की तकनीक को इतने व्यावहारिक और विस्तृत तरीके से सीखना उनके लिए एक नया और शानदार अनुभव रहा।
चित्रकथी आर्ट स्कूल की ओर से बताया गया कि इस प्रकार की कार्यशालाओं का उद्देश्य भारतीय पारंपरिक कला एवं शिल्प को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा कलाकारों और कला प्रेमियों को प्रयोगात्मक एवं व्यावहारिक कला शिक्षा से जोड़ना है।
कार्यशाला का समापन प्रतिभागियों के उत्साह, सकारात्मक प्रतिक्रिया और कला के प्रति नई सीख के साथ हुआ।