अब तक कोई और होता तो पुलिस कार्रवाई कर चुकी होती. सारे नियम तो केवल गरीबों के लिए बने हैं.

लोगों का कहना है कि अगर ब्लागर की कोई गलती थी तो उसे कानून के हिसाब से सजा देते. गाली-गलौज करना और पीटना ये कहां का इंसाफ है.