स्थलीय चीजों को सुधारने के साथ कई बैठकों और कार्यों के संयोजन के बाद सेल्फ एसेसमेंट रिपोर्ट (SSR) नैक में जमा की गई और इसी के बाद विश्वविद्यालय को बड़ी सफलता मिली.

पर्यावरणीय श्रेणी में विश्वविद्यालय को 1210 वैश्विक रैंक मिली है तो वहीं पर्यावरण शिक्षा में इसकी स्थिति 1070 वैश्विक और भारत में 49वीं रही है.

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 के अंतर्गत यह सहयोग भारत के युवाओं को आतिथ्य क्षेत्र में स्थायी रोजगार के लिए कौशल प्रदान करने की दिशा में एक समयानुकूल और महत्वपूर्ण कदम है।

कॉलेज के एक फैकल्टी सदस्य की देखरेख में ये पूरा कार्य किया जा रहा है और प्रिंसिपल की ओर से सामने आई जानकारी के मुताबिक, रिसर्च की प्रक्रिया जारी है.