न पूछो प्यास मिट्टी की, जो बरसें प्रेम की बूंदें, चटकती भूमि के भीतर मिलन की भोर हो जाए…” सुनाकर श्रोताओं को तालियां बजाने के लिए मजबूर कर दिया.

इस संबंध में प्रक्रिया शीघ्र आरंभ होने वाली है। इस संबंध में वेबसाइट www.luonlineeducation.in पर समस्त जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी।