इस फैसले को लेकर CJI डी वाई चंद्रचूड़ की ओर से कहा गया कि “हमारा मानना ​​है कि केशवानंद भारती में जिस हद तक अनुच्छेद 31(सी) को बरकरार रखा गया है, वह लागू रहेगा और यह सर्वसम्मत है.”