अगर तुरंत बड़े स्तर पर कदम नहीं उठाया गया तो ये बेहर गम्भीर स्थिति बन जाएगी.
यह निर्भर होगा अस्थिर हवाओं और वायुमंडल में होने वाले बदलावों पर. हवाओं में कमजोरी से यह धीमा अथवा तेज कर सकती हैं, जो फिलहाल अभी तक नहीं हुआ है.
सार्वजनिक स्थानों पर पानी एवं छाया की व्यवस्था की जाए, पक्षियों के लिए छोटे बर्तनों में पानी एवं दाना रखने के लिए आमजन को जागरुक करें।
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