Unnao News: मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के जन्म दिवस को मनाया उर्दू डे के रूप में, महिलाओं को दिया गया ये संदेश
उन्नाव। अल्लामा इक़बाल मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के जन्म दिवस को उर्दू डे के रूप में मनाया गया। अखिल भारतीय उर्दू शिक्षक संघ, उन्नाव के तत्वाधान में एक सेमिनार का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता सामाज सेविका ग़ौसिया ख़ान ने की। सेमिनार का शीर्षक था जंगे आजादी में उर्दू ज़बान का किरदार जिसके अंतर्गत वक्ताओं ने जंगे आज़ादी में उर्दू भाषा की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उर्दू भाषा को साझा संस्कृति और मेल- मिलाप की भाषा बताते हुए उसके विकास को महत्वपूर्ण बताया। ग़ौसिया ख़ान ने कहा कि उर्दू भाषा भारत में जन्मी भाषा है महाभारत जैसे ग्रंथ को भी उर्दू में लिखा गया था। उर्दू भाषा में आज़ादी की लड़ाई में लेखकों व शायरों के माध्यम से अंग्रेजों के विरुद्ध जनचेतना पैदा करने में महती भूमिका निभाई। भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में मनाये जाने वाले राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं को विशेष रूप से अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया, उन्होंने कहा की एक मां 100 शिक्षकों से बेहतर है इसलिए हमारी बहनों को भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उर्दू भाषा न केवल एक भाषा है बल्कि एक संस्कृति है।
वक्ता गिरिजेश पांडे ने उर्दू भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला। अन्य वक्ताओं में अली मेहंदी, नदीम हैदर एडवोकेट ,अफ़ज़ाल अहमद, संजय कुमार कनौजिया , प्रांतीय कोषाध्यक्ष ,उत्तर प्रदेश जूनियर शिक्षक संघ आदि ने आज़ादी की लड़ाई में उर्दू की भूमिका पर उस समय के शायरों के शेरों को संदर्भित करते हुए अपनी बात कही। इस मौके पर जवाहर उन्नावी और रियाज़ सफ़ीपुरी शायरों को संगठन के द्वारा स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान किया गया। पत्रकारिता के क्षेत्र में फैज़ हसन और जमाल अहमद को सम्मानित किया गया। मुख्य रूप से अखिल भारतीय उर्दू शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री व ज़िलाध्यक्ष उन्नाव मोहम्मद हारून, अनवर अशहद, अंत में प्रादेशिक महामंत्री मोहम्मद हारून, रईस सिद्दीक़ी, मोहम्मद फ़िरदौस रिज़वान,फरजाना, सिराज, शराफ़त ख़ान व मुबारक रज़ा ,शफी आरिफ़, नादरा, रुख़साना,अज़रा, रेहाना ज़ाहिद आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।