AKTU: नॉन क्रेडिट कोर्स के लिए बीटेक छात्रों को नहीं देना होगा 11 सौ रूपये, माइनर डिग्री के प्रस्ताव को दी गई मंजूरी, बीच में पढ़ाई छोड़ने पर मिलेगी बीवॉक की डिग्री, अब हिंदी में भी दे सकेंगे पेपर, जानें विद्या परिषद के फैसले

August 26, 2022 by No Comments

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लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) से संबद्ध संस्थानों के बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्रों को अब एनपीटीएल के जरिये नॉन क्रेडिट कोर्स करने के लिए 11 सौ रूपये फीस नहीं देना होगा। यह यह कोर्स कॉलेज खुद कराएंगे। यह निर्णय शुक्रवार को कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार मिश्र की अध्यक्षता में हुई विद्या परिषद की बैठक में लिया गया। साथ ही बीटेक में मेजर डिग्री के साथ ही माइनर डिग्री देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। साथ ही अन्य कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये।

कॉलेज को खुद ही कराना होगा कोर्स
अभी तक बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र एनपीटीएल के जरिये नॉन क्रेडिट कोर्स में एडमिशन के लिए 11 सौ रूपये जमा करते रहे हैं। विद्यापरिषद में की बैठक में इस प्रस्ताव पर मंजूरी मिल गयी कि अब यह कोर्स कॉलेज कराएंगे। जिससे कि छात्रों को अलग से फीस नहीं देना पड़े।

मेजर के साथ ले सकेंगे माइनर डिग्री भी
बैठक में बीटेक में मेजर डिग्री के साथ ही मानइर डिग्री देने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गयी। अब छात्र अपने बीटेक के मेजर कोर्स के साथ ही 18 से 20 क्रेडिट का कोर्स कर माइनर डिग्री भी प्राप्त कर सकेगा। यह कोर्स चार से आठवें सेमेस्टर में करना होगा। जैसे छात्र बीटेक मैकेनिकल के साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग एवं इंटरनेट ऑफ थिंग का माइनर डिग्री भी ले सकेगा। इसका फायदा उसे इंडस्ट्री में मिलेगा।

क्योंकि अब परंपरागत इंजीनियरिंग की जगह नये कोर्स की मांग उद्योगों में अधिक है। इसके अलावा अब कोई छात्र बीटेक में ही किसी किसी कोर्स का स्पेशलाइजेशन करता है तो उसे बीटेक ऑनर्स की डिग्री भी मिल सकेगी। साथ ही यदि कोई छात्र बीटेक का छठां सेमेस्टर पूरा करने के बाद किसी कारणवश पढ़ाई छोड़ रहा है तो उसे बीवॉक की डिग्री देने के प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति दी गयी। इसके लिए एक समिति गठित की गयी है जो एआईसीटीई के नियमों को देखेगी उसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

अब अंग्रेजी और हिंदी में दे सकेंगे पेपर
नई शिक्षा नीति के तहत इंजीनियरिंग की पढ़ाई और परीक्षा में अंग्रेजी के साथ हिंदी माध्यम से परीक्षा देने की सुविधा को बैठक में मंजूरी दे दी गयी। बीटेक प्रथम वर्ष के छात्रों को हिंदी और अंग्रेजी दोनों में प्रश्न पत्र दिये जाएंगे। परीक्षार्थी जिस भी भाषा में उत्तर लिखना चाहे लिख सकता है। वहीं विश्वविद्यालय में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वाटर एंड वेस्ट मैनेजमेंट की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। इसके लिए एक कमेटी भी गठित की गयी है। साथ ही विश्वविद्यालय के पुस्तकालय की सुविधा को आम लोग भी ले सकेंगे। बाहरी सदस्यता लेकर कोई भी पुस्तकालय में पढ़ सकेगा। बैठक में कुलसचिव सचिन सिंह, वित्त अधिकारी जीपी सिंह, प्रति कुलपति प्रो. मनीष गौड़, परीक्षा नियंत्रक प्रो. अनुराग त्रिपाठी, उप कुलसचिव डॉ आरके सिंह, कैश के निदेशक प्रो. एमके दत्ता, डीन पीजी प्रो. एचके पालिवाल, डीन यूजी प्रो. गिरीश चंद्रा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।