UP Basic Shiksha: ब्लॉक ट्रांसफर की मांग पर बेसिक शिक्षकों ने छेड़ा ट्विटर अभियान, #upbasicblockmutualtransfer कर रहा ट्रेंड, सोमवार पर टिकी सभी की निगाहें, शिक्षक नेताओं के हैं अलग-अलग दावे
लखनऊ। ब्लाक व जनपद के भीतर ट्रांसफर को लेकर उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षकों ने एक बार फिर से अभियान छेड़ा है। दो दिन से चलाए जा रहे अभियान के दूसरे दिन #upbasicblockmutualtransfer ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है। शिक्षकों ने इस बार सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है और इस मामले में विचार करने की अपील की है। फिलहाल शिक्षक म्युच्युल ट्रांसफर की मांग कर रहे हैं, ताकि किसी तरह से भी शिक्षण कार्य का नुकसान न हो।
बता दें कि करीब 13 साल से ब्लॉक ट्रांसफर न होने के कारण महिलाओं के साथ ही दिव्यांग अधिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। मजे की बात तो ये है कि इस पूरे मामले में प्रदेश में नियमों को दरकिनार कर कार्य किया जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि नियम के अनुसार जो शिक्षक भर्ती होते हैं उनको पांच साल के लिए पिछड़े ब्लॉकों में तैनाती दी जाती है और पुराने शिक्षक, जिनका कार्यकाल पांच साल के लिए पूरा हो चुका होता है, उनको अगड़े ब्लाकों में भेज दिया जाता है, लेकिन प्रदेश में अंधेरगर्दी छाई है। जो पुराने शिक्षक 10 साल से पिछड़े ब्लाकों में तैनात है, उनको अगड़े ब्लाक दिए ही नहीं गए और जो नई भर्ती हुई, उनको अगड़े ब्लाक पहले ही दे दिए गए। इस तरह से सरकार प्रदेश के शिक्षकों को छलने का काम कर रही है।
महिला शिक्षकों का आरोप है कि उनको ऐसी-ऐसी जगह तैनात कर दिया गया है कि उनको नदी-नाले तक पार करके स्कूल पहुंचना होता है। ऐसे में तमाम शिक्षिकाएं मानसिक रूप से तनाव में चल रही हैं। क्योंकि उनको बच्चों को साथ लेकर जाना होता है। हालांकि इस मामले में कई बार बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने दावा किया कि जल्द ही ट्रांसफर होंगे, तो वहीं पूर्व बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने भी कई बार शिक्षकों से वादा किया था, लेकिन साल भर बाद भी इस मामले में कुछ नहीं हुआ। हालांकि कुछ शिक्षक नेता इस बात का दावा कर रहे हैं कि सोमवार (26 सितम्बर 2022) को कुछ होगा, तो कुछ शिक्षक नेताओं का कहना है कि इस मामले में अभी कुछ नहीं होगा। उम्मीद करना बेकार है। फिलहाल परेशान शिक्षकों ने सरकार से गुहार लगाई है। इस सम्बंध में सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रताप सिंह बघेल और डीजी विजय किरन आनन्द से फोन के जरिए बात करनी चाही, लेकिन उनका फोन ही नहीं उठा।