UP Basic Shiksha: महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनन्द ने प्रदेश भर के BSAs, AO Basic, AAOs, DCs के लिए जारी किया चेतावनी लेटर, भ्रष्टाचार बंद करो, नहीं तो कराई जाएगी विजिलेंस जांच, बाबुओं के क्रियाकलापों पर भी रखी जा रही है पैनी नजर
लखनऊ। महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनन्द ने उत्तर प्रदेश के सभी BSAs, AO Basic, AAOs एवं DCs के लिए चेतावनी लेटर जारी किया है और तत्काल प्रभाव से विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के निर्देश दिए हैं। इसी के साथ कहा है, कि अगर पारदर्शिता के साथ काम विभागों में नहीं किया जाता है तो इसकी विजिलेंस चांज कराई जाएगी।
जारी निर्देश में विजय किरन आनन्द ने लिखा, “मुझे प्रत्येक स्तर से रिव्यू एवम मूल्यांकन में जो शिकायतें प्राप्त हो रही हैं , उससे स्पष्ट है कि अभी तक आपके द्वारा पारदर्शिता पूर्वक विभाग को सुचारू रूप से चलाने हेतु आवश्यक कार्यवाही नहीं की जा रही है और न ही जीरो टॉलरेंस और करप्शन फ्री एडमिनिस्ट्रेशन के सिद्धांत का पालन किया जा रहा है । यह कदापि स्वीकार्य योग्य नहीं है । यदि यही रवैया रहेगा तो माना जाएगा कि आप ऐसी गतिविधियों में संलिप्त हैं और आपका उत्तरदायित्व निर्धारित करने की बाध्यता रहेगी। अतः निम्न बिंदुओं पर विशेष रुप से सूचना एकत्रित कराई जा रही है-“
मान्यता प्रदान करने हेतु मान्यता पटलों पर बाबुओं द्वारा जो भी नियमविरुद्ध क्रियाकलाप किए जा रहे हैं अथवा शोषण चल रहा है उसको तत्काल सही कराते हुए पारदर्शिता सुनिश्चित की जाय ।
अवकाश के आवेदन समयबद्ध रूप से स्वीकृत एवम निस्तारित किए जाएं , अनावश्यक pendency अथवा निरस्तीकरण न किया जाए। इसका नीति आधारित ही स्वीकृति सुनिश्चित की जाय ।
खंड शिक्षा अधिकारी, डीसी और मेंटर कैडर द्वारा यदि कहीं पर भी शोषण की बात आती है तो इसके लिए भी आप उत्तरदायी होंगे और आप की संलिप्तता मानी जाएगी।
एरियर के भुगतान में शिथिलता की स्थिति में AO और AAOs का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जायेगा। किसी भी तरह का भुगतान चाहे वह फर्नीचर का भुगतान हो अथवा कंपोजिट ग्रांट की धनराशि के हस्तांतरण का भुगतान हो या आपूर्तिकर्ताओं का भुगतान हो , यदि विलंब अथवा भुगतान में अनियमित कटौती एवं शोषण हुआ तो इसका उत्तर दायित्व भी आपका होगा।
NPRCs, ARPs एवं स्पेशल एजुकेटर को किसी भी कारण से गैर शैक्षणिक कार्यों में इंवॉल्व करने की कोशिश की जाएगी तो उनके खिलाफ तो कार्यवाही होगी ही , साथ ही आप के विरुद्ध भी संलिप्तता मानते हुए कार्यवाही अमल में लाई जाएगी ।
निलंबन के उपरांत बहाली प्रक्रिया में बिना नियम के पदस्थापन करने की स्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा तथा उत्तरदायित्व निर्धारण हेतु बाध्य होना पड़ेगा। अनुशासनिक प्रक्रिया प्रत्येक दशा में टाइम एंड मोशन शासनादेश में वर्णित एक माह के अंदर अवश्य पूर्ण की जाय।
शिक्षकों का संबद्धीकरण किसी भी दशा में स्वीकार्य नहीं है, चाहे यह covid कंट्रोल में हो , आधार किट में हो, BRC / BSA कार्यालय में हो अथवा किन्हीं अन्य स्थानों पर हो । संबद्धीकरण को अत्यंत गंभीरता से लिया जायेगा तथा सर्वसंबंधित के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही की जायेगी ।
एडेड विद्यालयों में और मृतक आश्रित प्रकरणों में शोषण एवं वसूली की स्थिति में अनुशासनिक जांच के साथ ही अन्य कठोर कार्यवाही भी अमल में लाई जायेगी ।
फर्जी / संदिग्ध शिक्षकों के संबंध में जो कार्यवाही लंबित है उन पर नियमित बैठक करा कर प्राथमिकता पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाय।
जनपद स्तर पर जो भी IGRS/DG/SPD संदर्भ भेजे जा रहे हैं , उनका तकाल निस्तारण कराते हुए लंबित / डिफाल्टर प्रकरण की आख्या पोर्टल पर अपलोड की जाय तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाय ।
इसी के साथ अंत में विजय किरन आनन्द ने लिखा है कि जैसा कि मैंने पूर्व में कहा है जो भी इन सब कार्यों में संलिप्त होंगे उन सब का dossier बनाकर मेरे द्वारा विजलेंस की कार्यवाही के लिए प्रेषित किया जायेगा। कृपया इस प्रकार की बाध्यता मेरे समक्ष प्रस्तुत न करें , अन्यथा कि स्थिति में इस प्रतिकूल स्थिति के लिए आप स्वयं पूर्णरूपेण उत्तरदायित्व होंगे।