UP Basic Shiksha: टाइम एंड मोशन के कारण लगातार हुई तीन मौतों से बेसिक शिक्षकों में रोष, योगी सरकार व डीजी पर फूटा गुस्सा, देखें क्या लिखा सोशल मीडिया पर
बीते शुक्रवार से लेकर सोमवार तक लगातार हुई तीन मौतों से बेसिक शिक्षकों में रोष व्याप्त हो गया है। शिक्षकों ने न केवल शिक्षकों के व्हाट्सअप ग्रुप में अपनी नाराजगी जताई है बल्कि ट्विटर सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी योगी सरकार और डीजी विजय किरन आनन्द के खिलाफ गुस्सा फूटा है। शिक्षकों ने ट्विटर पर लिखा है कि “गूंगे बहरे लोगो को कोई फर्क नहीं पड़ता” अर्थात किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता, कि शिक्षक सुरक्षित रहें या नहीं रहें।
बता दें कि शिक्षकों कि सड़क दुर्घटना में हुई मौतों का जिम्मेदार शिक्षकों ने टाइम एंड मोशन को ठहराया है। शिक्षकों का आरोप है कि प्रतिदिन शिक्षक अपने गृहजनपद में ही 150 से 200 किलोमीटर दूर तक बाइक चलाकर स्कूल जाते हैं। चाहे जितना भी जल्दी शिक्षक घर से निकलें, लेकिन उनको स्कूल में देरी होने की चिंता सताती ही रहती है जिसकी वजह से वह एकाग्र होकर बाइक नहीं चला पाते और एक्सीडेंट के शिकार हो जा रहे हैं। लगातार तीन मौतों ने तो शिक्षकों को एकदम डरा ही दिया है।
शिक्षकों का आरोप है कि टाइम एंड मोशन के खौफ ने शिक्षकों में एक अलग ही भय पैदा कर दिया है। ऐसा नहीं कि पहले स्कूलो में निरीक्षण नहीं होते थे, या पहले शिक्षकों को सजा नहीं दी जाती थी, लेकिन स्पष्टीकरण मांगा जाता था, लेकिन अब बगैर स्पष्टीकरण के ही तत्काल सजा सुना दी जा रही है, शिक्षकों को अपनी बात कहने का समय ही नहीं दिया जा रहा है।
इसी के साथ शिक्षकों का ये भी आरोप है कि न जाने कितनी ही बार डीजी विजय किरन आनन्द से मांग की गई कि जो 5 साल से अधिक समय से पिछड़े ब्लाकों में शिक्षक तैनात हैं, उनको नियम के अनुसार ब्लाक व जनपद के भीतर म्युच्युअल ट्रांसफर दे दिया जाए, ताकि शिक्षक स्वस्थ्य मानसिकता के साथ समय पर स्कूल पहुंचें और बिना किसी चिंता के बच्चों को पढ़ाएं। इससे न तो शिक्षक तनाव में होंगे और न ही उनको प्रतिदिन 100-200 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी। ऐसे में दिव्यांग शिक्षक और वे शिक्षिकाएं, जिनके छोटे-छोटे बच्चे हैं, वो भी तमाम समस्याओं का सामना कर अपनी ड्यूटी निभा रही हैं।
बता दें कि शिक्षक गत एक वर्ष से म्युच्युअल ट्रांसफर की मांग कर रहे हैं। मालूम हो कि म्युच्युल ट्रांसफर से किसी को कोई नुकसान भी नहीं होने वाला है और न ही पढ़ाई प्रभावित होगी। बावजूद इसके प्रदेश सरकार बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की मांग पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। नतीजतन आए दिन होने वाले मार्ग दुर्घटना के शिक्षक शिकार हो रहे हैं।
देखें तीन दिन में किस-किस ने खोई जान
बीते सोमवार को नौशाद अख्तर निवासी मोहल्ला दलाल टोला जलालपुर प्रधानाध्यापक प्राधमिक विद्यालय सोनगांव उत्तर का जीवत के पास विद्यालय जाते समय भयंकर एक्सीडेंट होने से मौके पर ही मौत हो गई। इस सम्बंध में शिक्षकों ने आरोप लगाया था कि स्कूल में एक भी मिनट की देरी से पहुंचने पर वेतन काटने का आदेश देने के कारण शिक्षक तनाव में हैं।
इसी के साथ शिक्षकों ने आरोप लगाते हुए कहा था कि शिक्षा निदेशक विजय किरन आनन्द अभी कितनी जिंदगी और लेंगे आप। तो वही बीते शनिवार को उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के प्राथमिक विद्यालय नगला सिताब, ग्राम पंचायत सालेहनगर बर्बर, न्याय पंचायत सरेन्डा ब्लॉक खेरागढ़ ,आगरा की सहायक अध्यापिका पद पर कार्यरत अंजू शर्मा का स्कूल से घर लौटते वक्त भरतपुर के पास पीछे से आ रहे ट्रक ने इतनी तेज टक्कर मारी की स्कूटी चकनाचूर हो गई।
इस हादसे में अंजू शर्मा की मौत हो गई थी। इसी तरह बीते शुक्रवार को उत्तर प्रदेश अयोध्या अयोध्या-अम्बेडकर नगर मार्ग पर सुबह करीब साढ़े 9 बजे स्कूटी सवार शिक्षिका नम्रता सिंह पूराबाज़ार के पूर्वी छोर पर ट्रक की चपेट में आ गयी, जिससे घटनास्थल पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक जनपद अंबेडकर नगर कोतवाली मोजनपुर निवासी नम्रता सिंह (27) शिक्षा क्षेत्र मया बाजार के कम्पोजिट विद्यालय दामोदरपुर में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थी।