UP Basic Shiksha: जिलों के अंदर तबादलों के लिए करना होगा मई तक इंतजार, पारस्परिक पर जल्द बन सकती है बात, देखें क्या बोले RSM पदाधिकारी
सोशल मीडिया पर जिलों के अंदर शिक्षकों के तबादलों को सीएम की मंजूरी मिलने की एक खबर तेजी से वायरल हो रही है, जबकि विभागीय सूत्रों से सामने आई जानकारी के मुताबिक अभी तक इसका प्रस्ताव ही शासन तक नहीं पहुंचा है। बल्कि कहा जा रहा है कि अगले हफ्ते तक मुख्यमंत्री तक इसका प्रस्ताव पहुंचेगा और आवेदन की प्रक्रिया फरवरी मार्च तक शुरू होगी व स्थानान्तरण मई के महीने में होगा। फिलहाल ये सम्भावना जताई जा रही है।
बता दें कि सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया गया है कि जिलों के अंदर शिक्षकों के तबादलों को सीएम की मंजूरी। इस खबर को लेकर शिक्षकों में खुशी की लहर है, लेकिन विभागीय सूत्रों के जब इसके बारे में जानकारी हासिल की गई तो मालूम चला कि सीएम के पास तक तो अभी प्रस्ताव ही नहीं पहुंचा है।
तो वहीं राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ प्राथमिक संवर्ग प्रदेश संगठन मंत्री शिवशंकर सिंह ने बताया कि अभी दो दिन पहले ही हम लोग सचिव बेसिक शिक्षा परिषद से इस सम्बंध में मांग करके लौटे हैं और वहां से जानकारी मिली थी कि अगले हफ्ते अथवा 15 जनवरी के बाद जिले के अंदर तबादलों का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा। हालांकि शासन से ये मांग की गई है कि पारस्परिक स्थानान्तरण तत्काल कर दिया जाए। इसे ज्यादा न टाला जाए। क्योंकि इससे न तो शैक्षणिक गुणवत्ता प्रभावित होगी और न ही बच्चों की पढ़ाई रूकेगी।
स्थाई स्थानान्तरण नीति की मांग
शिवशंकर सिंह ने बताया कि संगठन शासन से स्थाई स्थानान्तरण की नीति की मांग कर रहा है। इससे जो शिक्षक कई सालों से पिछड़े ब्लाकों में हैं, उनको अगड़े ब्लाकों में आने का मौका मिलेगा। इसी के साथ उन्होंने ये भी जानकारी दी कि फिलहाल जनपद के भीतर स्थानान्तरण की कोई नीति नहीं है। इसी वजह से शिक्षक परेशान हैं। हालांकि शासन स्तर पर प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत स्थानान्तरण करने की नीति पर सहमति व्यक्त की गई है। इस पर शासन स्तर पर भी सहमति मिली है। संगठन शिक्षकों के हित में इस नीति पर भी जल्द से जल्द शासन स्तर पर मुहर लगवाने की कोशिश करेगा।