UP Basic Shiksha: महानिदेशक से मिले UPPSS प्रदेश अध्यक्ष, आए शिक्षकों के निशाने पर, ट्विटर पर जमकर हो रही है खिंचाई, देखें क्या लिखा, जानें सुशील कुमार पाण्डे का दावा
लखनऊ। सालों से ब्लाक व जनपद के भीतर ट्रांसफर की मांग को लेकर अभियान चला रहे पीड़ित शिक्षकों के निशाने पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ( UPPSS) के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पाण्डे आ गए हैं। शिक्षकों ने उन पर ट्रांसफर की मांग न करने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर लिखा है “ट्रांसफर का क्या हुआ, अब उसकी मांग साइड में रख दिए क्या अध्यक्ष जी।”
दरअसल मामला ये है कि 28 नवम्बर को सुशील कुमार पाण्डे महानिदेशक बेसिक शिक्षा विजय किरन आनंद से मिलने पहुंचे थे। इस मौके पर उन्होंने शिक्षक/शिक्षिकाओं के एनपीएस अंशदान कटौती किए जाने व विभिन्न जनपदों के अधिकारियों द्वारा जारी निर्देश के क्रम में शिक्षक शिक्षिकाओं के विरुद्ध कार्यवाही किए जाने के निर्देश व विभिन्न समस्याओं को पत्र के माध्यम से अवगत कराया था। इसी के साथ नई पेंशन की भी मांग की, लेकिन इस पत्र में कहीं भी उन्होंने ट्रांसफर को लेकर जिक्र नहीं किया। पाण्डे का मांग पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होते ही शिक्षकों ने उनको घेरना शुरू कर दिया और जमकर खिंचाई की।
बता दें कि बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक विभाग व सरकार से जायज मांग कर रहे हैं। अगर समय पर ब्लाक व जनपद के भीतर ट्रांसफर हो जाता तो शिक्षकों को ये मुद्दा उठाने की जरूरत ही नहीं पड़ती। दरअसल शिक्षकों को अपने ही गृह जनपद में 150 से 200 किलोमीटर की दूरी तय कर स्कूल जाना पड़ता है। ये नियुक्ति पांच साल के लिए पिछड़े ब्लाकों में होती है, लेकिन पांच साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद ट्रांसफर का मामला लटका हुआ है। इस वजह से सबसे ज्यादा महिला व दिव्यांग शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षक करीब एक साल से #upbasicblocktransfer के तहत अभियान चला रहे हैं।
देखें प्रदेश अध्यक्ष का दावा
खबरस्टिंग से बात करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने बताया कि वह लगातार ट्रांसफर को लेकर विभाग व सरकार से मांग कर रहे हैं और इस सम्बंध में भी डीजी विजय किरन आनन्द से बात हुई थी। इस पर डीजी के स्तर से जानकारी मिली की उन्होंने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। अब मामला शासन में अटका हुआ है। इसको लेकर वह 30 नवम्बर को प्रमुख सचिव दीपक कुमार व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से भी मिलेंगे।
देखें प्रदेश अध्यक्ष ने क्या की है मांग


देखें ट्विटर पर क्या लिख रहे हैं शिक्षक