UP: उत्तर प्रदेश में घूसखोरी पर लगाम लगाने को ACB ने कसी कमर, प्रदेश के 8 जिलों में खुलेंगी नई यूनिटें, देखें जिलों के नाम, 2017 से लेकर अब तक देखें किस-किस सरकारी विभाग ने घूसखोरी में तोड़ा रिकॉर्ड
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में घूसखोरी पर लगाम लगाने के लिए ACB (एंटी करप्शन ब्यूरो ) ने कमर कस ली है। प्रदश भर में 8 नई यूनिटें खोली जाएंगी। ताकि घूसखोरी के मामलों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सके और आम जनता को राहत मिल सके। ACB की एक रिपोर्ट के मुताबिक घूस लेने के मामले में राजस्व विभाग नम्बर एक पर है और दूसरे नम्बर पर पुलिस विभाग है। गत पांच सालों में सूबे में राजस्व विभाग के 132 कर्मचारी घूस लेते पकड़े गए हैं। जबकि 45 कर्मचारियों के साथ पुलिस विभाग दूसरे नम्बर खड़ी है।
रिपोर्ट की मानें तो सभी सरकारी विभागों में 2017 से अब तक जो कार्यवाही हुई है, उसमें से कुल 337 घूसखोर कर्मचारी पकड़े गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस के एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की है। पांच साल में एसीबी ने पकड़े गए इन सैकड़ों घूसखोर सरकारी कर्मचारियों को जेल में बंद करवाया है। रिपोर्ट की मानें तो एसीबी की टीम ने जनवरी से लेकर अब तक प्रदेश में कुल 28 सरकारी कर्मचारियों को घूस लेते पकड़ा है। जिसमें से राजस्व विभाग के 12 कर्मी शामिल हैं तो वहीं पुलिस विभाग छह। इसी के साथ 10 कर्मचारी अन्य विभागों के हैं।
देखें जिले
रिपोर्ट की मानें तो सरकारी विभागों में लगातार सामने आ रहे घूसखोरी के मामलों को देखते हुए एसीबी के स्टाफ और संसाधन में कमी आ रही है। इस कारण आठ जिलों में एसीबी की यूनिट खोले जाने का प्रस्ताव बनाया गया है। इस तरह से प्रयागराज, बस्ती, गोंडा, आजमगढ़, मिर्जापुर, अलीगढ़, सहारनपुर और बांदा में नई यूनिटें खोली जाएंगी। बता दें कि वर्तमान में 10 रेंज हेडक्वार्टर से एसीबी की टीम घूसखोर सरकारी कर्मचारियों पर नजर रखे हुए है और पकड़े जाने पर उचित कार्रवाई भी करा रही है। यह रेंज हेडक्वार्टर लखनऊ, कानपुर, झांसी, बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, आगरा, अयोध्या, गोरखपुर और वाराणसी में स्थित है।
देखें क्या कहते हैं जिम्मेदार
घूसखोरी के मामले को लेकर डीआइजी एंटी करप्शन ब्यूरो राजीव मल्होत्रा कहते हैं कि साल 2017 से अब तक हमारी टीम ने कुल 337 सरकारी कर्मचारियों को घूस लेते रंगेहाथ पकड़ा है, जिसमें सबसे ज्यादा राजस्व विभाग के 132 कर्मचारी हैं। अब तक हमारे 10 रेंज हेड क्वार्टर थे। काम की अधिकता होने के कारण आठ जिलों में नई यूनिटें खोला जाना प्रस्तावित है।