UP Crime News: फरार निलंबित SP ने कोर्ट में किया आत्मसमर्पण, 17 अक्टूबर तक के लिए भेजा गया न्यायिक हिरासत में, जानें क्या है पूरा मामला

October 15, 2022 by No Comments

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लखनऊ। महोबा के क्रेशर व्यापारी की मौत मामले के आरोपी निलंबित SP मणिलाल पाटीदार ने शनिवार को कोर्ट में आत्म समर्पण कर दिया। पाटीदार को 17 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

मीडिया सूत्रों के मुताबिक महोबा के क्रशर व्यापारी से रंगदारी वसूलने व उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में फरार चल रहे निलंबित एसपी मणिलाल पाटीदार ने शनिवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष जज लोकेश वरुण ने इसे न्यायिक हिरासत में 17 अक्टूबर तक के लिए जेल भेज दिया है।

इस मामले में कबरई के बर्खास्त थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार शुक्ला के साथ ही सिपाही अरुण कुमार यादव, सुरेश सोनी व ब्रह्म दत्त तिवारी पहले से न्यायिक हिरासत में निरुद्ध हैं। मामला 11 सिंतबर, 2020 का बताया जा रहा है। इस मामले की रिपोर्ट मृतक इंद्रकांत त्रिपाठी के भाई रविकांत त्रिपाठी ने महोबा के थाना कबरई में दर्ज कराई थी। महोबा के तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार व कबरई थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार शुक्ला व अन्य को नामजद किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक उनके भाई इंद्रकांत से अभियुक्तगण प्रति माह छह लाख रुपए की अवैध वसूली करते थे।

लॉकडाउन में वसूली नहीं देने पर उनके भाई को धमकी दी गई। आठ सितंबर को वो गोली लगने से घायल हो गए। 13 सितंबर को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सरकारी वकील अभय त्रिपाठी के मुताबिक पहले इस मामले की एफआइआर आइपीसी की धारा 387 (रंगदारी), 307 (हत्या का प्रयास), 120बी (साजिश) व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 व 13 में दर्ज हुई थी लेकिन उनकी मौत के बाद यह मामला जानलेवा हमला और हत्या में बदल गया। इसके बाद मामले की जांच एसआइटी को सौंप दी गई।

प्रयागराज के एसपी क्राइम आशुतोष मिश्रा की अगुवाई में गठित एसआइटी ने जांच की। एसआटी की जांच में इस मामले को आइपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाने) का पाया गया। विवेचना के बाद अभियुक्तों के खिलाफ अन्य धाराएं लगाई गईं तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में आरोप पत्र दाखिल हुआ।