UP:अब लखनऊ विकास प्राधिकरण अपनी बड़ी सम्पत्तियों को बेचेगा कॉरपोरेट कम्पनियों की तर्ज पर, देखें ब्रांडिंग के लिए क्या बनाई गई है योजना
लखनऊ। उत्तर प्रदेश (UP) की राजधानी में लखनऊ विकास प्राधिकरण अब अपनी बड़ी व्यवसायिक सम्पत्तियों को कॉरपोरेट कंपनियों की तर्ज पर बेचेगा। इसके लिए विभिन्न योजनाओं में अनिस्तारित व्यवसायिक सम्पत्तियों को पूरी ब्रॉडिंग के साथ नये सिरे से लांच किया जाएगा। प्राधिकरण की अध्यक्ष/मण्डलायुक्त डॉ रोशन जैकब ने बुधवार को व्यवसायिक सम्पत्तियों के निस्तारण के सम्बंध में हुई बैठक में इस सम्बंध में निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा कि इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से देश-विदेश के बड़े निवेशकों तक प्राधिकरण की महत्वपूर्ण व्यवसायिक सम्पत्तियों की जानकारी पहुंचाई जाए, साथ ही निवेशकों को सिंगल विंडो सिस्टम के तहत सम्पत्ति खरीदने का ऑफर दिया जाए। बैठक में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ इन्द्रमणि त्रिपाठी व सचिव पवन कुमार गंगवार द्वारा उन्हें यह अवगत कराया गया कि प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में कुल 607 व्यवसायिक सम्पत्तियां अनिस्तारित हैं।
जिसमें भूखंड 97, दुकान/ चबूतरा 510, सीजी सिटी में विभिन्न भू उपयोग के कुल सृजित भूखंड 62, लखनऊ मेट्रो को कुल प्रस्तावित भूखंड 28, लखनऊ विकास प्राधिकरण के पास 34, इस तरह विभिन्न योजनाओं में आवासीय 4000 है। जिसमें, ग्रुप हाउंसिंग, शॉपिंग मॉल/मल्टीप्लेक्स, होटल, सिटी क्लब, पेट्रोल पम्प, स्कूल, टेक्निकल एजुकेशन भूखण्ड, नर्सिंग होम, फैसेल्टीज, कन्वीनिएंट शॉप व मिश्रित भू-उपयोग के बड़े भूखण्ड भी शामिल हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि बड़े व्यवसायिक भूखण्डों के निस्तारण के लिए इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से बड़े निवेशकों से संपर्क स्थापित किया जाए। इसके अतिरिक्त व्यवसायिक भूखण्डों के विक्रय के लिए सम्बंधित स्टेक होल्डर्स के साथ बैठक आयोजित की जाएं।
जैसे होटल के लिए आरक्षित भूखण्ड के विक्रय के लिए होटल उद्योग से जुड़े निवेशकों के साथ ही बैठक की जाए और नर्सिंग होम के भूखण्ड के सम्बंध में मेडिकल संस्थाओं व डॉक्टरों से संपर्क कर समन्वय स्थापित किया जाए। इसके अलावा छोटे भूखण्डों को भौगोलिक क्षेत्र के हिसाब से विभाजित करते हुए नीलामी में लगाया जाए। उन्होंने कहा कि सम्पत्ति खरीदने के इच्छुक लोगों को फील्ड विजिट जरूर कराया जाए। इसके अतिरिक्त उन्होंने आवासीय भूखण्डों के निस्तारण के सम्बंध में भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
बैठक में उपाध्यक्ष डॉ इन्द्रमणि त्रिपाठी द्वारा उन्हें इस बात की जानकारी दी गई कि सम्पत्तियों के शीघ्र निस्तारण के लिए बेहतर मार्केटिंग नीति अपनाते हुए कार्य किया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया जा रहा है। इस पर अध्यक्ष रोशन जैकब ने निर्देश दिये कि विक्रय की सम्पत्तियों का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार कराया जाए। इसके लिए शहर के प्रमुख स्थानों पर होर्डिंग्स/बैनर लगाए जाएं, साथ ही सूचना विभाग की एलईडी वैन पर भी सम्पत्तियों का विज्ञापन प्रसारित कराया जाए। बैठक के अंत में उन्होंने प्रबंध नगर योजना व मोहान रोड योजना की भी जानकारी ली और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। बैठक में मुख्य अभियंता अवधेश तिवारी, वित्त नियंत्रक दीपक सिंह, विशेष कार्याधिकारी अमित राठौर, अधिशासी अभियंता संजीव कुमार गुप्ता, केके बंसला, अवनीन्द्र कुमार सिंह और सहायक लेखाधिकारी विनोद श्रीवास्तव मौजूद रहे।