UP News: बेटी पैदा होने पर पिता ने की आत्महत्या, बहन को भी ले गया था साथ, ट्रेन ड्राइवर ने किया चौंकाने वाला खुलासा, देखें वीडियो
आजमगढ़। बेटी पैदा होने पर एक पिता ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। इससे पहले वह फूट-फूट कर रोया था और पत्नी से बोला था कि उसे तो बेटा चाहिए था, फिर बेटी कैसे हो गई और फिर नन्हीं सी जान की तरफ देखा नहीं और ट्रेन के आगे कूद कर आत्महत्या कर ली। घर में मालूम होते ही मातम पसर गया।
यह घटना उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले की यह दर्दनाक घटना निजामाबाद थाना क्षेत्र में कयामुद्दीनपुर पट्टी के पास की है। शुक्रवार की दोपहर घर में जैसे ही बेटी पैदा होने की खबर पिता सोनू यादव (33) को हुई। वह डिप्रेशन में चला गया और फिर एक्सप्रेस से कटकर जान दे दी। सोनू कप्तानगंज का रहने वाला था।
मीडिया सूत्रों के मुताबिक सोनू कलकत्ता में गैस की गाड़ी चलाता था और 14 नवंबर को ही घर आया था। पांच साल पहले उसकी मां की जहर खाने से मौत हो गई थी। पिता भी 6 महीने पहले ही घर से झगड़ा कर कहीं भाग गए थे। घर पर सोनू की दो बहनें गुड़िया (13) और पूजा थी। सोनू के पिता दिनेश यादव के जाने के बाद पूरे घर के खर्च चलाने की जिम्मेदारी सोनू के ऊपर ही थी।
करीब एक हफ्ते पहले सोनू की पत्नी मनीषा यादव ने अस्पताल में ऑपरेशन से एक बेटी को जन्म दिया तो उसी के बाद से सोनू डिप्रेशन का शिकार हो गया था। इस बात को मृतक की पत्नी मनीषा और साले गोविन्द यादव ने भी स्वीकार किया है। पत्नी ने रो-रो कर बताया कि उनको बेटा चाहिए था और बेटी हो गई तो उन्होंने अपनी जान दे दी। उनको बेटी से दिक्कत थी। इसी के साथ गांववालों ने भी बताया कि सोनू अपने साथ अपनी बहन को भी ये कहकर ले गया था कि वह गांव जा रहा है और उसी के साथ ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। इसी के साथ गांववालों ने ये भी बताया कि मृतक सोनू जिद्दी और गुस्सैल था। जरा-जरा सी बात पर गुस्सा हो जाता था। विगत दो वर्षों में आठ मोबाइल पटक कर तोड़ चुका है।
देखें क्या बोली पत्नी मनीषा
मृतक सोनू यादव की पत्नी मनीषा यादव ने मीडिया को बताया कि “मेरे पति को ऑपरेशन से बेटी पैदा होने से दिक्कत थी। उन्हें तो बेटा चाहिए था यही बात थी। आज भी कुछ नहीं हुआ। घर से निकले थे और शाम को निधन की खबर आ गई। सुबह आए और बोले बहन को लेकर जाएंगे उसकी पढ़ाई नुकसान हो रही है। इसलिए उसे लेकर घर जाएंगे रास्ते में क्या हुआ हमें कुछ नहीं पता है।”
देखें क्या बताया साले ने
मृतक सोनू यादव के साले गोविन्द यादव ने मीडिया को जानकारी दी कि एक दिन पूर्व अपने घर गए थे और गेहूं बोने की बात कह रहे थे। इसके साथ ही विगत छह महीने से सोनू यादव के पिता खोए हैं। इस मामले में जीजा ने बताया कि एक प्रार्थना पत्र जिले की एसपी को देना है। इसी के साथ घर जाने की बात कहकर निकले थे। जिस बहन को लेकर जा रहे थे उसका पेपर 20 नवंबर से होना था। पिता के गायब होने और घर में दो बहनों के साथ बेटी पैदा होने से डिप्रेशन में चल रहे थे। यही कारण है कि इस तरह का आत्मघाती कदम उठा लिया।
सोनू रहता था ससुराल में
मीडिया सूत्रों के मुताबिक सोनू अपनी ससुराल जगदीशपुर में रहता था। 15 नवंबर को उसकी पत्नी ने सरायमीर के एक अस्पताल में ऑपरेशन से एक बेटी को जन्म दिया था। बेटी के पैदा होने के बाद से वह डिप्रेशन में चल रहा था। 17 नवंबर को वह अपने गांव कंधरापुर में आया था।

ट्रेन ड्राइवर ने किया चौंकाने वाला खुलासा
गोदान एक्सप्रेस के ड्राइवर संजय भारती ने मीडिया को जानकारी दी कि मृतक युवक ट्रैक पर आकर लेट गया। बहन मरना नहीं चाहती थी वह हाथ छुड़ाकर भागना चाहती थी पर भाई की पकड़ से वह अपना हाथ नहीं छुड़ा पाई और बहन की भी मौत हो गई। ट्रेन से हुई इस दुर्घटना के बाद ट्रेन के ड्राइवर संजय भारती ने इस बात की सूचना सरायमीर में रेलवे के कर्मचारियों को दी थी।
देखें क्या कहा एसपी ग्रामीण ने
इस खबर से गांव में पहुंचते ही लोग हक्का-बक्का हो गए। इस बारे में जिले के एसपी ग्रामीण राहुल रूसिया ने मीडिया को जानकारी दी कि ट्रेन से कटकर मरने वाले दो लोगों की पहचान हो गई। जांच में यह बात सामने आई की सोनू यादव काफी उग्र और चिड़चिड़े स्वभाव का था जिस कारण यह घटना घटी। इस मामले में पुलिस पोस्टमार्टम के साथ अन्य विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है।