UP News: आदर्श विद्या मंदिर विद्यालय प्रबंधक के बेटे वेणु रंजन भदौरिया के खिलाफ उतरे टीचर्स, शिक्षक एमएलसी चुनाव के लिए भाजपा से टिकट के बताए जा रहे हैं दावेदार, स्कूल में पकड़े गए थे PET परीक्षा के साल्वर, देखें शिक्षकों ने क्या की सरकार से मांग
उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव और कानपुर जिले में इन दिनों शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर चर्चा जोरों पर है। इसी बीच ये भी जानकारी सामने आ रही है कि उन्नाव जिले में स्थित आदर्श विद्या मंदिर विद्यालय प्रबंधक के बेटे वेणु रंजन भदौरिया भी इस चुनाव में हिस्सा लेने जा रहे हैं और इसके लिए वह भाजपा से टिकट के दावेदार भी हैं, लेकिन शिक्षकों ने इनका विरोध करना शुरू कर दिया है, क्योंकि हाल ही में आदर्श विद्या मंदिर विद्यालय को पीईटी 2022 ( UPSSSC PET 2022) परीक्षा में साल्वर गिरफ्तार किए गए थे। इसी के बाद वेणु के खिलाफ एक पत्रकार ने भी धमकी देने का आरोप लगाया है।

इस पूरी घटना को लेकर उन्नाव व कानपुर के शिक्षकों ने अपनी पहचान छुपाते हुए कहा कि जब इस तरह की घटनाएं अभी से सामने आ रही हैं तो भला शिक्षक एमएलसी बनने के बाद क्या वह अपने पद का दुरुपयोग नहीं करेंगे। अगर ऐसे लोग शिक्षक एमएलसी पद पर आते हैं और भाजपा ऐसे लोगों को टिकट देती है तो सभी शिक्षक इसका विरोध करेंगे और उनको वोट भी नहीं करेंगे। दूसरी ओर अन्य तमाम शिक्षकों का कहना है कि अगर भाजपा वेणु को टिकट देती है तो उससे पार्टी की भी छवि धूमिल होगी।
इस सम्बंध में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ कानपुर के जिला संयोजक शिक्षक चंद्रदीप सिंह यादव ने ट्विटर पर पीईटी साल्वरों के गिरफ्तार होने की खबर को ट्विट करते हुए लिखा है कि, “श्री नरेन्द्र भदौरिया जी है उक्त विद्यालय /परीक्षा केंद्र के प्रबंधक। इस प्रकरण मे उनकी अथवा उनके पुत्र श्री वेणुरंजन भदौरिया की भूमिका भी संदिग्ध प्रतीत होती है। इसकी भी जांच होनी चाहिए।श्री वेणुरंजन कानपुर उन्नाव शिक्षक खण्ड निर्वाचन क्षेत्र हेतू भाजपा से टिकट के दावेदार भी है।” फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर वेणु रंजन भदौरिया से सम्पर्क करने की कोशिश की गई लेकिन सम्पर्क नहीं हो सका। बता दें कि वेणु रंजन भदौरिया खुद को भाजपा प्रदेश सह संयोजक साहित्य एवं प्रचार सामग्री विभाग होने का दावा करते हैं। उनके ट्विटर हैंडल पर यही लिखा हुआ है।
शिक्षकों ने सरकार से की जांच की मांग
आदर्श विद्या मंदिर विद्यालय में पीईटी परीक्षा के पकड़े गए साल्वरों को लेकर शिक्षकों ने प्रबंधक और वेणु रंजन भदौरिया की भी भूमिका संदिग्ध बताई है। इसी के साथ योगी सरकार से मांग की है कि इसकी जांच होने चाहिए। क्योंकि यह मामला पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा करता है।
जानें क्या है पूरा मामला
मालूम हो कि गत 15 तथा 16 अक्टूबर को UPSSSC द्वारा प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा (PET)2022 में सभी 75 जनपदों में कुल 1899 परीक्षा केंद्रों पर चार पालियों में PET 2022 परीक्षा आयोजित की गई थी। जिसमें देश भर से कुल 37,58,209 अभ्यर्थी शामिल हुए। इस बीच एसटीएफ लखनऊ को परीक्षा में सॉल्वर गैंग की सक्रियता की जानकारी मिली, जिस पर तत्काल प्रभाव से डीएसपी एसटीएफ विमल कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में ज्ञानेंद्र कुमार राय निरीक्षक एसटीएफ के नेतृत्व में एसटीएफ मुख्यालय की एक टीम द्वारा परीक्षा केंद्र आदर्श विद्या मंदिर, गीतापुरम, उन्नाव से मूल अभ्यर्थी पुष्पेंद्र यादव की जगह पर पेशेवर सॉल्वर के रूप में सत्यम कुमार पाण्डेय समेत 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था।
पेशेवर सॉल्वर सत्यम कुमार पाण्डेय ने मूल अभ्यर्थी की जगह पर परीक्षा देने की बात भी कबूल की थी। उक्त प्रकरण में सदर कोतवाली उन्नाव में मुकदमा भी पंजीकृत किया गया। इस मामले में एडिशनल एसपी एसटीएफ विशाल विक्रम सिंह ने मीडिया को जानकारी दी थी कि उक्त प्रकरण में सूचना के आधार पर PET 2022 परीक्षा केंद्र आदर्श विद्या मंदिर विद्यालय, गीतापुरम उन्नाव से 3 लोगों को गिरफ्तार कर कोतवाली उन्नाव में मुकदमा पंजीकृत किया गया है, जांच जारी है।
तो वहीं इस सम्बंध में उन्नाव के ही एक दैनिक अखबार के पत्रकार जय सिंह ने खबर प्रकाशित की थी। इस मामले को लेकर जय सिंह ने पुलिस अधीक्षक उन्नाव को एक लिखित शिकायत देते हुए आरोप लगाया है कि वेणु रंजन भदौरिया ने उनको देख लेने की धमकी दी है। इस पूरे मामले के समाने आने के बाद ही जो शिक्षक वेणु के पक्ष में थे वो भी अब उनके खिलाफ खड़े हो गए हैं और योगी सरकार से जांच के साथ ही शिक्षक एमएलसी के लिए उनको टिकट न देने की मांग कर रहे हैं।

