उत्तर प्रदेश के एक जिले के जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय में हावी है भ्रष्टाचार का खेल, बिना विभागीय अनुमति के ही शिक्षिका को भेज दिया गया हज यात्रा पर, जानें क्या कहा महानिदेशक बेसिक शिक्षा ने
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के एक जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का खेल जमकर खेला जा रहा है। लम्बे समय से बाबुओं का तबादला न होने के कारण बड़ी ही आसानी से विभाग की आंख में धूल झोंक कर हर तरह के खेल को अंजाम दिया जा रहा है। एक ताजा मामला सम्बंधित जिले से सामने आया है। सूत्रों की मानें तो इस जिले में एक शिक्षिका को बिना विभागीय अनुमति के ही हज यात्रा पर भेज दिया गया है। फिलहाल इस मामले में कितनी सच्चाई है, ये तो जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगी।
विभागीय सूत्रों की मानें तो सम्बंधित जिले के जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय में 15 से 20 साल से जम बाबु भ्रष्टाचार के किसी भी काम को इतनी सफाई से अंजाम देने में जुटे हैं कि ऊपर तक बात पहुंच ही नहीं पाती। ताजा मामला सामने आने के बाद एक बार फिर से बाबुओं की कार्यशैली पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
विभागीय सूत्रों की मानें तो बाबुओं और स्थानीय स्तर के शिक्षा अधिकारियों की सांठगांठ के बाद शिक्षिका को हज यात्रा पर भेज दिया गया। जबकि नियम है कि देश से बाहर जाने के लिए उच्चस्तरीय अधिकारियों की अनुमति लेनी पड़ती है और लेकिन शिक्षिका ने मोटी रकम चुका कर निचले स्तर से ही चोरी-छिपे अनुमति ले ली। बताया जा रहा है कि अगर उच्चस्तर के अधिकारियों से अनुमति लेने की प्रक्रिया की जाती तो, उसमें समय लगता, जिससे बचने के लिए शिक्षिका ने ये कदम उठाया, जिसमें उसका स्थानीय स्तर के बाबुओं ने सहयोग किया। फिलहाल बता दें कि बता दें कि सम्बंधित शिक्षिका का मानव सम्पदा नम्बर तक सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो बिना विभागीय अनुमति के हज यात्रा पर गई हैं। इस पूरे मामले की जानकारी महानिदेश बेसिक शिक्षा विजय किरन आनन्द तक पहुंच गई है और उन्होंने इस मामले में नियमानुसार कार्यवाही करने की बात कही है।