वेतन भुगतान के लिए अधिकारी ने शिक्षक से मांगा लाखों का… ब्राह्मण युवक का रोते हुए Video वायरल; हार गया हिम्मत

April 10, 2026 by No Comments

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Azamgarh News: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें सौरभ तिवारी नाम का युवक रो-रो कर आरोप लगा रहा है कि उसके पिता का वेतन नहीं दिया जा रहा है जबकि कोर्ट का आदेश है कि वेतन दिया जाए. अधिकारी वेतन देने के नाम पर 25 लाख का घूस मांग रहे हैं और नहीं देने पर वेतन रोक दिया है और लगातार परेशान कर रहे हैं. युवक ने आरोप लगाया कि इससे तंग आकर वह जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में आत्मदाह करने पहुंचा.

यह मामला उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय से बुधवार को उस समय सामने आया जब सौरभ तिवारी नाम का युवक आत्मदाह करने पहुंच गया. जानकारी मिलते ही कार्यालय में हड़कंप मच गया. युवक ने खुद पर पेट्रोल डाल लिया था लेकिन उसे मौके पर मौजूद लोगों ने समझाबुझाकर बचा लिया गया है लोगों ने युवक को समझाया है. तो वहीं युवक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें युवक ने साफ शब्दों ने अधिकारियों पर घूस मांगने का आरोप लगाया है.

युवक सौरभ तिवारी ने डीआईओएस मनोज कुमार पर वेतन भुगतान के नाम पर वसूली करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसके पिता अशोक तिवारी शिक्षक हैं और अंजुमन इस्लामिया उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दौना लालगंज में पढ़ाते हैं जो कि वर्ष 2002 में अनुदान सूची में शामिल हुआ था.

नियुक्ति विवाद को लेकर मामला कोर्ट में चला गया था. इस वजह से शिक्षकों का वेतन अवरुद्ध हो गया लेकिन साल 2016 में कोर्ट ने शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुनाया लेकिन बाद में फिर से विवाद खड़ा हो गया लेकिन कोर्ट ने साल 2024 में फिर से शिक्षकों के हक में फैसला सुनाया और वेतन भुगतान के निर्देश दिए बावजूद इसके उनके पिता को वेतन नहीं दिया जा रहा है.

सौरभ तिवारी ने आरोप लगाया कि ब्राह्मण होने के नाते उसे परेशान किया जा रहा है और वेतन भुगतान के लिए 25 लाख रूपए की घूस मांगी जा रही है.

युवक ने आरोप है कि पूर्व डीआईओएस उपेंद्र कुमार के कार्यकाल में वेतन भुगतान के लिए 25 लाखों रुपये की मांग की गई थी और फिर आंशिक भुगतान के बाद वेतन फिर से रोक दिया गया लेकिन इस दौरान उपेंद्र कुमार छुट्टी पर गए और डीआईओएस का प्रभार वीरेंद्र प्रताप सिंह ने सम्भाला और इसके बाद उनके द्वारा वेतन का भुगतान शुरू कराया गया था लेकिन एक बार फिर से चार्ज संभालते ही उपेंद्र कुमार ने वेतन रोक दिया.

युवक ने आगे बताया कि जेडी कार्यालय में 31 जनवरी 2026 को वेतन को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया था इसके बाद वेतन दिया जाने लगा लेकिन उपेंद्र कुमार का स्थानांतरण होने के बाद प्रभारी डीआईओएस मनोज कुमार के कार्यकाल में भी उनके पिता का मार्च माह का वेतन रोक दिया गया. इसी से परेशान होकर उनको मजबूरन आत्मदाह के लिए कदम उठाना पड़ा.

कोर्ट के आदेश पर रोका गया वेतन

डीआईओएस मनोज कुमार ने इस आरोप पर सफाई देते हुए कहा कि उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप गलत हैं. वेतन कोर्ट के आदेश पर रोका गया है. तो वहीं सौरभ तिवारी ने आरोप लगाया है कि हर महीने वेतन रोका जा रहा है.

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है कि युवक बार-बार वेतन रोके जाने की वजह से कितना परेशान है और रोते हुए अपनी बात कह रहा है. युवक ने ये भी कहा कि अधिकारियों को केवल एरियर दिखता है लेकिन ये नहीं दिखता कि कितने सालों से शिक्षक नौकरी कर रहा है और वह अपने बच्चों को कैसे पढ़ा रहा है. सौरभ तिवारी ने कहा कि कहां तक कोर्ट के चक्कर लगाएं, आजिज आ गए हैं, रोज-रोज के झंझट से, हमारा किसी अधिकारी के साथ कोई व्यक्तिगत शत्रुता नहीं है फिर भी न जाने क्यों परेशान कर रहे हैं.

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