Lucknow: योग हमारे जीवन को रखता है स्वस्थ और निरोग-डॉ रविंद्र नाथ शुक्ल
Lucknow: उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान द्वारा निदेशक विनय श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम निर्माण योजना के अंतर्गत सरल संस्कृत संभाषण कक्षा में प्रतिमास होने वाले प्रेरणा सत्र कार्यक्रम का आयोजन हुआ. इस कार्यक्रम का शुभारंभ प्रशिक्षु अनुराधा ने सरस्वती वन्दना से की। संस्थान गीतिका पलक तिवारी व स्वागतगीत ज्योत्सना कुलकर्णी ने प्रस्तुत किया।
ऑनलाइन कार्यक्रम में आये हुए अतिथियों का स्वागत एवं मुख्यवक्ता का परिचय समन्वयक धीरज मैठाणी ने किया तथा सत्र का संचालन प्रशिक्षिका डॉ प्रेरिका अग्रवाल ने किया। मीटिंग संचालन अमित संवेदी ने किया। कक्षागत अनुभव कथन, संस्कृत गीत, योगाभ्यास व सुभाषित श्लोकों का कथन वत्सला, ऊषा,रुकमणि,मदन,ऋतु,शैला,आराध्या,गीता गोने ने प्रस्तुत किया। प्रेरणासत्र मुख्य वक्ता के रूप में डॉक्टर रविनाथ शुक्ल, श्री सांगवेद आदर्श संस्कृत महाविद्यालय,तामेश्वरनाथ, देवरिया, जनपद- संतकबीर नगर (उ प्र)उपस्थित रहे. उन्होंने अपने वक्तव्य में संस्कृत भाषा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग क्यों कैसे और सर्वदा क्यों करना चाहिए?

प्रेरणासत्र
उन्होने कहा कि योग के माध्यम से चित् वृत्तियों का निरोध कैसे होता है। उन्होंने कहा योग हमारे जीवन को स्वस्थ और निरोग रखता है और हमें इस पर गर्व की अनुभूति होनी चाहिए। संस्कृतभाषाव योग का अध्ययन व प्रचार-प्रसार हम सभी का दायित्व है। सुभाषितों के माध्यम से विश्वबन्धुत्व की भावना जागृत होती है। अतः हमें प्रतिदिन एक सुभाषित एवं योग प्रतिदिन करना चाहिए।
इसी क्रम में प्रशिक्षिका मीनाकुमारी ने आए हुए अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया तथा कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान के निदेशक विनय श्रीवास्तव, प्रशासनिक अधिकारी जगदानंद झा, दिनेश मिश्र, योजना के प्रधान सहायक श्रीभगवान सिंह चौहान, प्रशिक्षण प्रमुख सुधिष्ठ मिश्र, समन्वयक धीरज मैठाणी, दिव्यरंजन तथा राधा शर्मा आदि उपस्थित रहें।
शांति मंत्र नीतू सक्सेना ने किया। सूचना दान विष्णु कुमार पाठक ने किया. कार्यक्रम में उपस्थित प्रशिक्षक दीपमाला,गोपालमिश्र, पंकज मिश्र, सत्य प्रकाश मिश्र, सुधीर मिश्र, लल्लन बाबू मौर्य जी तथा भारी संख्या में छात्र व विदेशी छात्र और सामाजिक लोग भी उपस्थित रहे।