संस्कृत भाषा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग क्यों कैसे और सर्वदा क्यों करना चाहिए?

चेतना जीवन का आधार है चेतन व्यक्ति ही अपने जीवन में विकास कर पता है,प्राणायाम के अभ्यास से व्यक्ति में चेतना का विकास होता है।

द्वितीय सत्र के दोपहर 2:00 बजे से 3:00 बजे के मध्य डॉ बृजेंद्र प्रताप सिंह द्वारा अनुलोम विलोम एवं कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास किया गया

भारत सरकार के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा प्रतिवर्ष 21 दिसंबर को विश्व ध्यान दिवस मनाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

Lucknow University: लखनऊ विश्वविद्यालय के द्वितीय परिसर मे चल रहे पांच दिवसीय सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के महाकुम्भ ‘संस्कृति सुरभि’ का शनिवार…

कोहनी शक्ति विकासक क्रिया, भुजबल्ली शक्ति विकासक क्रिया तथा घुटना चालन व भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास करना चाहिए।

आयुष विभाग उत्तर प्रदेश शासन के योग वैलनेस सेंटरों की स्थापना /संचालन तथा योग से संबंधित शासनादेशों गाईड लाइन बनाने में डॉक्टर यादव के उल्लेखनीय योगदान हैं।