Identify Fake milk: दूध के मामले में WHO का बड़ा खुलासा, मिलावट नहीं रोकी गई तो भारत में 2025 तक 87 प्रतिशत आबादी होगी कैंसर की शिकार, जानें कैसे करें नकली दूध की पहचान और कहां करें शिकायत, त्योहारी सीजन में जरूर रहें अलर्ट
लखनऊ। नवरात्र, दुर्गा पूजा, दशहरा, करवा चौथ, दीपावली आदि त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है और इसी के साथ मार्केट में दूध में मिलावट करने के मामले भी तेज हो गए हैं। हाल ही में लखनऊ की 15 डेयरियों पर FSDA की टीमों ने छापेमारी की थी, जिसके बाद भयावह सच सामने आया था कि दूध में धड़ल्ले से डिटर्जेंट पाउडर के साथ ही शैंपू तक मिलाया जा रहा है।
15 डेयरियों से जो सैम्पल लिए गए थे, इसमें से करीब 68% सैंपल फेल मिले थे। जांच के दौरान पता चला है कि कुछ में शैंपू की मिलावट और कुछ में डिटर्जेंट पाउडर मिलाने की बात सामने आई है। तो वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी एक बड़ा खुलासा करते हुए दूध में मिलावट के खिलाफ भारत सरकार के लिए एडवाइजरी जारी कर चुका है। इसी के साथ डब्लूएचओ का कहना है कि मिलावट नहीं रोकी गई तो देश की करीब 87 फीसदी आबादी 2025 तक कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी का शिकार हो सकती है।
ये चौंकाने वाली बाते आ चुकी हैं सामने
भारत में बिकने वाला 68.7 फीसदी दूध और दूध से बने प्रोडक्ट मिलावटी पाए गए हैं। ऐनिमल वेलफेयर बार्ड के सदस्य मोहन सिंह अहलूवालिया ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया है कि 89 फीसदी प्रोडक्ट में एक या दो तरह की मिलावट होती है। चौंकाने वाली बात तो ये है कि 31 मार्च 2018 तक देश में दूध का कुल उत्पादन 14.68 करोड़ लीटर रोजाना रिकॉर्ड किया गया। जबकि देश में दूध की प्रति व्यक्ति खपत 480 ग्राम प्रतिदिन है। इसमें सीधे 68 फीसदी का गैप है। मीडिया सूत्रों के मुताबिक दक्षिणी राज्यों के अलावा उत्तरी राज्यों में दूध में मिलावट के ज्यादा मामले सामने आए हैं।
कठिन नहीं है नकली दूध की पहचान करना
सहायक आयुक्त (खाद्य) खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. एसपी सिंह ने बताया है कि नकली दूध की पहचान करना कोई मुश्किल काम भी नहीं है। घर पर ही आसानी से मिलावटी दूध की पहचान की जा सकती है। यदि कोई ऐसा करे तो उसकी शिकायत भी की जा सकती है।
घर पर ही मिनटों में इस तरह करें दूध की पहचान
10 एमएल दूध और 5 MLसल्फ्यूरिक एसिड को मिलाएं। अगर इसमें वॉयलेट/ ब्लू रिंग्स बनती हैं तो समझ लें कि इसमें फॉर्मालिन मिला है।
थोड़ा सा कच्चा दूध मुंह में रखकर टेस्ट करें। यदि कड़वाहट लग रही है तो समझ जाएं कि दूध में मिलावट की गई है। असली दूध में कड़वाहट नहीं होती।
दूध को एक शीशी में भरकर हिलाएं। यदि बहुत ज्यादा झाग बन रहा है तो समझ जाएं कि इसमें कोई केमिकल मिलाया गया है।
दूध को चिकनी सतह पर बहाएं। बहाने पर दूध झाग छोड़कर जा रहा है तो समझ लें कि इसमें मिलावट की गई है।
टेस्ट ट्यूब में दूध लेकर 10 बूंद हाइड्रोक्लोरिक एसिड और एक चम्मच शक्कर मिलाएं। पांच मिनट बाद यह लाल हो जाए तो समझ लें कि इनमें वनस्पति ऑयल मिला हुआ है।
अंगूठे पर दूधे की कुछ बूंदें डालें। यदि वो बहता हुआ कोई निशान न छोड़े तो समझ लीजिए कि दूध में पानी मिला हुआ है।
जानें क्या है सजा का प्रावधान
यदि दूध में कोई जानलेवा पदार्थ मिला हुआ पाया जाता है तो आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। इसी के साथ 5 लाख रुपए तक का अधिकतम जुर्माना भी लग सकता है।
यहां दर्ज कराएं शिकायत
कोई भी व्यक्ति www.fssai.gov.in पर जाकर इसकी शिकायत दर्ज करा सकता है।
हर शहर में फूड इंस्पेक्टर होते हैं, उनके पास भी शिकायत की जा सकती है।
FSSAI का ऐप भी आप फोन में डाउनलोड कर सकते हैं। इसके जरिए मिलावट की शिकायत की जा सकती है।
इन डेयरियों पर FSDA की टीम ने मारा छापा
