Lucknow Art Exhibition: कलाकार की सोच सामान्य व्यक्तियों से आगे और सर्वहिताय: अंबिका प्रसाद
Lucknow Art Exhibition: कला दीर्घा अंतरराष्ट्रीय दृश्य कला पत्रिका एवं द सेंट्रम, लखनऊ द्वारा आयोजित समर्पण कला प्रदर्शन का आज समापन हुआ। मुख्य अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता एवं जजमेंट आजतक के संपादक अंबिका प्रसाद ने कहा कि जो लोग कला कर्म से जुड़े हैं, वे अपने निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर समाज के लिए और समय से आगे सोचते हैं।
विशिष्ट अतिथि शिक्षाविद् शर्मिला सिंह ने कहा कि प्रदेश की कला संस्कृति के संरक्षण के लिए सक्षम लोगों को सामने आना चाहिए, तभी हम अपनी संस्कृति का संरक्षण और विस्तार कर पाएंगे। मुख्य अतिथि अंबिका प्रसाद को अंग वस्त्र, स्मृति चिन्ह, मानपत्र और प्रदर्शनी पुस्तिका भेंट करते हुए कला दीर्घा पत्रिका की प्रकाशक डॉ लीना मिश्र ने कहा कि कला दीर्घा सदैव भारतीय कला के दस्तावेजीकरण में अपनी महती भूमिका निभाती रही है और अब अपने रजत जयंती वर्ष में वह स्थापित कलाकारों के मार्गदर्शन में युवा कलाकारों को आगे बढ़ाने का कार्य और उत्साह से करेगी।
कला दीर्घा के संपादक डॉ अवधेश मिश्र ने कहा कि युवा कलाकार एवं समन्वयकद्वय डॉ अनीता वर्मा और सुमित कुमार ने जिस तरह अपने कलाकर्म को जारी रखते हुए कला गतिविधियों के माध्यम से युवा कलाकारों को जोड़ने का कार्य किया है, वह कला जगत के लिए अनुकरणीय होगा। कला दीर्घा अपने उत्कृष्ट सामग्री और कलेवर के लिए जानी जाती है, इसे आगे भी जारी रखा जाएगा। कला दीर्घा अक्टूबर माह में ढिबरी अखिल भारतीय कला प्रदर्शनी के साथ कला स्रोत आर्ट गैलरी लखनऊ में पुनः उपस्थित होगी। द सेंट्रम लखनऊ के स्वामी सर्वेश गोयल ने कहा कि सेंट्रम एक महत्वपूर्ण कला केंद्र के रूप में विकसित किया जायेगा। संस्कृति ही हमारी पहचान होती है इसे बनाए रखना है।