सिंगापुर, दुबई से लेकर सऊदी अरब और अमेरिका-यूके में स्वाद का जलवा बिखेरेंगे यूपी के आम

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Lucknow Mango Season: उत्तर प्रदेश के आम तो वैसे भी अपने स्वाद के लिए फेमस हैं. जो एक बार इनको खा लेता है वो फिर साल भर इनका स्वाद नहीं भूलता. तो वहीं अब यूपी के प्रसिद्ध आमों को सिंगापुर, दुबई, सऊदी अरब, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भेजकर वैश्विक फल निर्यात मानचित्र पर अपनी विशेष पहचान बनाने जा रहा है।

पहल को गति देने के लिए आईसीएआर – केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (CISH), लखनऊ द्वारा अपने रहमानखेड़ा परिसर में “एक्सपोर्टर-ग्रोअर्स बिजनेस मीट-2025” का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता आज मंडलायुक्त डॉ0 रोशन जैकब ने की।

मंडलायुक्त ने निर्यातकों और आम उत्पादकों से बातचीत करते हुए राज्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे CISH द्वारा विकसित पश्च-फसल और समुद्री मार्ग निर्यात तकनीकों का उपयोग करते हुए आमों के निर्यात के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करें। उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों में घरेलू बाजार की संभावनाओं का लाभ उठाने पर भी बल दिया और उन्होंने राज्य स्तर पर निर्यात संवर्धन हेतु एक नोडल केंद्र की स्थापना के निर्देश भी दिए।

साथ ही उन्होंने लखनऊ मंडी परिषद को APEDA के हॉर्ट-नेट पोर्टल पर किसानों के पंजीकरण में सहायता के लिए “वन-स्टॉप सेंटर” स्थापित करने का निर्देश दिया। तो वहीं इस कार्यक्रम में Next On Foods (पुणे), Berrydale Foods (मुंबई), Fair Group (मुंबई), Lulu Exports, Asia Shipping (मुंबई), Meta Agro (लखनऊ), श्री नदीम, श्री सतीश कुमार सिंह समेत कई प्रमुख निर्यातकों ने भाग लिया और आगामी आम निर्यात सत्र के लिए अपनी तत्परता जताई।

बागवानी निदेशालय, कृषि विपणन, मंडी परिषद, और HOFED जैसे राज्य विभागों ने भी सरकार समर्थित अवसंरचना और योजनाओं के माध्यम से उत्पादकों और निर्यातकों को पूर्ण सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई।

कार्यक्रम में एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन), एफपीसी (किसान उत्पादक कंपनियां), स्वयं सहायता समूह (SHGs) और प्रगतिशील आम उत्पादक, पैक हाउस प्रबंधक उत्साहपूर्वक शामिल हुए और उत्तर प्रदेश के आमों की वैश्विक संभावनाओं को भुनाने के लिए तत्पर दिखे।

दशहरी, सियाना और चौसा मचाएंगे धमाल

इसको लेकर डॉ. टी. दामोदरन, निदेशक, ICAR-CISH ने मीडिया को जानकारी दी कि संस्थान तकनीकी एवं लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करेगा ताकि लखनऊ की प्रसिद्ध दशहरी और सियाना की चौसा आम की किस्मों को उनके संबंधित मौसमों में सिंगापुर, दुबई और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात किया जा सके। उन्होंने कहा कि CISH द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन के अंतर्गत लखनऊ और सियाना में निर्यात-गुणवत्ता के आमों के लिए समर्पित क्लस्टर तैयार किए गए हैं, जहाँ किसान गुणवत्ता और निर्यात मानकों का पालन कर आम उत्पादन कर रहे हैं। यह पहल विकसित कृषि और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में सहायक होगी।

ऑनलाइन विपणन को भी दिया जा रहा है बढ़ावा

मुख्य विकास अधिकारी अजय जैन ने बताया कि लखनऊ, अमरोहा और सहारनपुर के पैक हाउस पूरी तरह से चालू हैं और आम प्रसंस्करण एवं निर्यात हैंडलिंग के लिए सुसज्जित हैं। उन्हें भारतीय रेलवे से समन्वय कर ट्रेन स्टॉपेज और होटल श्रृंखलाओं, रेलवे आउटलेट्स, तथा ज़ेप्टो, बिगबास्केट, ब्लिंकिट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से विपणन के अवसरों को बढ़ावा देने का कार्य सौंपा गया है। विनीता सुधांशु, महाप्रबंधक, APEDA (नई दिल्ली) ने उत्तर भारतीय आमों के निर्यात में APEDA की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने गुणवत्ता अनुरूपता, अंतरराष्ट्रीय प्रमाणपत्रों और लॉजिस्टिक तैयारी के महत्व को रेखांकित किया।

मंडलायुक्त ने किया निरीक्षण

बता दें कि मंडलायुक्त डॉ0 रोशन जैकब ने मलिहाबाद रोड पर लग रही अवैध आम मंडी का निरीक्षण किया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि अवैध मंडी की वजह से यहाँ यातायात एवं ट्रैफिक व्यवस्था बाधित रहता है। इस पर मंडलायुक्त ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि रोड पर लग रही अवैध मंडी को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए और उसे निर्धारित स्थाई मंडी स्थल पर शिफ्ट किया जाए। उन्होंने ये भी कहा कि यदि अवैध मंडी संचालक शिफ्टिंग में किसी प्रकार की लापरवाही करते हैं तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया जाए.

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