भारत में सबसे पहले इन रूट्स पर दौड़ेगी बुलेट ट्रेन, 9 शहरों की दूरी हो जाएगी इतनी…रेल मंत्री ने दिया बड़ा अपडेट

August 11, 2025 by No Comments

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Bullet Train in India: भारत को भी बुलेट ट्रेन का इंतजार है तो वहीं जनता तक जल्द से जल्द ये सुविधा पहुंचाने के लिए भारतीय रेलवे दिन रात तैयारी में जुटा हुआ है. फिलहाल इसको लेकर ताजा अपडेट रेलमंत्री से मिली है. हाल ही में लोकसभा में एक सवाल के जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह प्रोजेक्ट दिसंबर 2029 तक पूरी तरह से तैयार होगा.

इस तरह अगर देखा जाए तो भारत में बुलेट ट्रेन 2029 से दौड़ सकती है. तो वहीं इसको लेकर केंद्र की योजना क्या है, इस पर रेल मंत्री ने जवाब दिया कि नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने बुलेट ट्रेन के नेटवर्क के विस्तार के लिए डीपाआर बनाना शुरू कर दिया है. उन्होंने आगे बताया कि नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को देश के अन्य हिस्सों में बुलेट ट्रेन के नेटवर्क के विस्तार का काम सौंपा गया है.

तेजी से चल रहा है काम

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 23 जुलाई को एक लिखित सवाल का जवाब देते हुए लोकसभा में पुष्टि करते हुए कहा कि रेलवे मंत्रालय मुंबई-अहमदाबाद के साथ ही अन्य रुट्स भी बुलेट ट्रेन चलाने का काम तेजी से कर रहा है. उन्होंने आगे कहा कि ‘मुंबई-अहमदाबाद के साथ ही देश के अन्य हिस्सों में हाई स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार करने और कॉमर्शियल-आर्थिक गतिविधियों के केंद्र वाले दो शहरों के बीच ग्राहकों की डिमांड, पर्यटकों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए एनएचएसआरसीएल की ओर से डीपीआर तैयार किया जा रहा है.’

इन बातों का रखा जा रहा है ध्यान

रेल मंत्री ने बजट को लेकर बताया कि हाई स्पीड रेलवे नेटवर्क बनाने के लिए बहुत अधिक बजट खर्च होता है. इसलिए किसी भी नए प्रोजेक्ट पर फैसला करने से पहले तकनीकी व्यवहार्यता, वित्तीय और आर्थिक व्यावहारिकता, ट्रैफिक डिमांड, फंड की उपलब्धता और वित्तीय विकल्प जैसे कई फैक्टर को ध्यान में रखा जाता है.

इन रूट्स के लिए बनी योजना

गौरतलब है कि अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना का काम जापान के सहयोग से हो रहा है. इस वजह से देश में नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) की ओर से दिल्ली-वाराणसी,मुंबई- नागपुर,मुंबई-हैदराबाद, चेन्नई-मैसूर, दिल्ली-अमृतसर, वाराणसी-हावड़ा यानी इन 6 रूट्स पर भी बुलेट ट्रेन चलाए जाने की योजना बनी है.

2022 में भी दी थी जानकारी

बता दें कि रेल मंत्री अश्विनी बैष्णव ने 2022 में लोकसभा में जानकारी दी थी कि रेल मंत्रालय की 6 और बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बनाने की योजना है. इन सभी 6 रूट्स पर सर्वे और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार करने का निर्णय लिया गया है. फिलहाल उन्होंने एक बार फिर से इस बात को दोहराया है.

हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनने के बाद इन शहरों के बीच इतनी हो जाएगी दूरी

दिल्ली और अमृतसर के बीच 466 किलोमीटर की दूरी है और इसे तय करने में करीब 7 घंटे का समय लग जाता है लेकिन बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बनने के बाद यह दूरी मात्र डेढ़ घंटे में ही तय की जा सकेगी.

मुंबई-नागपुर के बीच की दूरी करीब 770 किलोमीटर है और इसके सफर में 10 घंटे से ज्‍यादा का समय लगता है. बुलेट ट्रेन सेवा शुरू होने के बाद सवा 2 घंटे में ही यह दूरी तय हो जाएगी.

मुंबई से पुणे के रास्‍ते हैदराबाद के लिए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बनाए जाने की योजना है. दोनों शहरों के बीच की यह दूरी 700 किलोमीटर है और यात्रा में करीब 13 घंटे का समय लगता है लेकिन बुलेट ट्रेन इस दूरी को मात्र 2.10 घंटे में ही पूरा कर देगी.

बता दें कि बैंगलोर के रास्‍ते चेन्‍नई से मैसूर के बीच बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बनाने का डीपीआर भारतीय रेलवे तैयार कर रहा है. दोनों शहरों के बीच की दूरी करीब 481 किलोमीटर है और 9 घंटे में ये दूरी तय होती है. बुलेट ट्रेन चलने से यह दूरी महज 1.30 घंटे में पूरी हो जाएगी.

इसी तरह से वाराणसी से हावड़ा के बीच भी पटना के रास्ते बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बनाने की योजना पर काम चल रहा है. सर्वे और डीपीआर पर काम जारी है. दोनों शहरों के बीच की दूरी करीब 676 किलोमीटर है. ये दूरी तय करने में फिलहाल करीब 15 घंटे का समय लग जाता है लेकिन बुलेट ट्रेन से यह दूरी महज 2.05 घंटे में पूरी हो जाएगी जिससे लोगों को खासा आराम मिलेगा.

दिल्‍ली से वाराणसी के बीच भी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बनाए जाने की योजना है. दोनों शहरों के बीच की दूरी करीब 852 किलोमीटर है और ये दूरी तय करने में करीब 12 घंटे का समय अभी लगता है लेकिन बुलेट ट्रेन ये दूरी महज ढाई घंटे में ही पूरी हो जाएगी.

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