Pitru Paksha 2025: पितृपक्ष के दौरान जरूर पढ़ें पूर्वजों की ये आरती…वर्ना अधूरा रह जाएगा अनुष्ठान

September 11, 2025 by No Comments

Share News

Pitru Paksha 2025: सनातन धर्म के पितृ पक्ष 7 सितंबर से शुरू होककर अभी भी चल रहे हैं. इनका समापन 21 सितम्बर को होगा. इस दौरान गंगा घाटों पर तर्पण और पिण्डदान किया जा रहा है. यह एक ऐसा समय है जब हम अपने मृतक पूर्वजों यानी पितरों को याद करते हैं। इस दौरान (Pitru Paksha 2025) श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे अनुष्ठान किए जाते हैं. ताकि हमारे पितरों को शांति मिल सके.

माना जाता है कि इस दौरान वह धरती पर आते हैं और अपने परिवार के पास जाते हैं. इसलिए जिस तरह से भगवान की किसी भी पूजा व यज्ञ के बाद आरती जरूरी है तो उसी तरह के पितरों के तर्पण आदि के बाद आरती जरूर पढ़ें. मान्यता है कि बिना आरती के पूजा अधूरी मानी जाती है.

पितृ देव की आरती

जय जय पितर जी महाराज,

मैं शरण पड़ा तुम्हारी,

शरण पड़ा हूं तुम्हारी देवा,

रख लेना लाज हमारी,

जय जय पितृ जी महाराज, मैं शरण पड़ा तुम्हारी।।

आप ही रक्षक आप ही दाता,

आप ही खेवनहारे,

मैं मूरख हूं कछु नहिं जानू,

आप ही हो रखवारे,

जय जय पितृ जी महाराज, मैं शरण पड़ा तुम्हारी।।

आप खड़े हैं हरदम हर घड़ी,

करने मेरी रखवारी,

हम सब जन हैं शरण आपकी,

है ये अरज गुजारी,

जय जय पितृ जी महाराज, मैं शरण पड़ा तुम्हारी।।

देश और परदेश सब जगह,

आप ही करो सहाई,

काम पड़े पर नाम आपके,

लगे बहुत सुखदाई,

जय जय पितृ जी महाराज, मैं शरण पड़ा तुम्हारी।।

भक्त सभी हैं शरण आपकी,

अपने सहित परिवार,

रक्षा करो आप ही सबकी,

रहूं मैं बारम्बार,

जय जय पितृ जी महाराज, मैं शरण पड़ा तुम्हारी।।

जय जय पितर जी महाराज,

मैं शरण पड़ा हू तुम्हारी,

शरण पड़ा हूं तुम्हारी देवा,

रखियो लाज हमारी,

जय जय पितृ जी महाराज, मैं शरण पड़ा तुम्हारी।।

DISCLAIMER: यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)

ये भी पढ़ें-Pitru Paksha: पितृपक्ष के दौरान घर में इस तरह करें तर्पण…