सर्वपितृ अमावस्या पर किसी पवित्र नदी में काले तिल डालकर तर्पण करें । इससे भी पितृगण प्रसन्न होते हैं।
Pitru Paksha: आश्विन मास की प्रतिपदा के साथ ही पितृपक्ष शुरू हो गए हैं. आजकल व्यस्त जीवनचर्या और नौकरी-बिजनेस की…
अगर कोई व्यक्ति सपने में अपने पूर्वजों को सिर पर हाथ फेरते हुए देखता है तो इस सपने को बहुत ही शुभ माना जाता है।
जय जय जय जग पावनी, जयति देवसरि गंग।
जय शिव जटा निवासिनी, अनुपम तुंग तरंग॥
इसके बाद भीष्म तर्पण के लिए दक्षिणाभिमुख हो कर पितृतर्पण की तरह ही जनेऊ अपसव्य करके हाथ में कुश धारण किये हुए ही बालब्रह्मचारी भक्तप्रवर भीष्म के लिए पितृतीर्थ से तिलमिश्रित जल के द्वारा तर्पण करें। उनके तर्पण का मन्त्र जो कि नीचे दिया गया है बोलें-
श्राद्ध कर्म के लिए काले तिल, जौ या सत्तू, चावल, कुश (दर्भ घास), जल (गंगाजल हो तो बहुत ही अच्छा है), फूल, दूध, दही, घी और शहद होना चाहिए।
कानपुर। युग दधीचि देहदान संस्थान के बैनर तले रविवार को सरसैय्या घाट पर नगर की प्रतिष्ठित महिलाओं ने गर्भ में…
कनागत के दौरान हमें नियमित रूप से अपने पितरों को जल अर्पित करना चाहिए। दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जल देना चाहिए।