Rakshabandhan-2026: भाई-बहन के पवित्र प्रेम व स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन (Rakshabandhan) का त्योहार हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि…
साधक भगवान शिव का ध्यान करते हुए केवल इस स्तोत्र का ही श्रद्धापूर्वक पाठ करे, तो वह भोलेनाथ को प्रसन्न कर सकता है.
गवान विष्णु की कथा सुनने से घर परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. वहीं भगवान विष्णु की कृपा से सभी तरह के भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है.
कामिका एकादशी के दिन श्री कृष्ण की लीलाओं का पाठ करना चाहिए. साथ ही विष्णु सहस्त्रनाम, विष्णु चालीसा का पाठ करें ऐसा करने से आपको मोक्ष मिलती है।
घर में बना पंचामृत हो या पीली बर्फी, श्री हरि को सभी का भोग लगा सकते हैं लेकिन तुलसी दल डालना न भूलें. इस दिन किसी भी अन्न का भोग नहीं लगाना चाहिए.
इस दिन दूसरों की बुराई न करें. साथ ही क्रोध न करें और झूठ न बोलें. मन को पूरी तरह सात्विक रखें.
Parama Ekadashi: ‘परमा एकादशी’ 27 मई को…पुरुषोत्तम मास में है इसका खास महत्व; भूलकर भी न करें ये काम
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इस दिन दूसरों की बुराई न करें. साथ ही क्रोध न करें और झूठ न बोलें. मन को पूरी तरह सात्विक रखें.
मान्यता है कि इस दौरान किया गया जप-तप, दान और पूजा का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता. इसे अधिक मास भी कहा जाता है.
चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, काजल और वस्त्र आदि दान करने का भी कहीं-कहीं चलन दिखाई देता है.
कीर्ति गूंजने लगी जो कि धीरे-धीरे पीढी दर पीढ़ी उनकी कथा के माध्यम से आज भी लोग सावित्री के पतिव्रत धर्म के बारे में जान रहे हैं.