28 मई को बाइक चलाने की बात पर असद और सूर्या का झगड़ा हुआ था. इसके बाद दोनों अपने-अपने घर चले गए थे लेकिन ये विवाद यहीं नहीं थमा था.
घरवालों का कहना है कि जब तक आरोपियों का एनकाउंटर नहीं होता तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा.
मान्यता है कि इस दौरान किया गया जप-तप, दान और पूजा का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता. इसे अधिक मास भी कहा जाता है.
जो निष्ठा विहीन थे, वो लोग दबाव में आकर अपना धर्म परिवर्तन कर लिया और जो धार्मिक थे, वीर थे हम सभी लोग उनकी ही संतान हैं.
चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, काजल और वस्त्र आदि दान करने का भी कहीं-कहीं चलन दिखाई देता है.
कीर्ति गूंजने लगी जो कि धीरे-धीरे पीढी दर पीढ़ी उनकी कथा के माध्यम से आज भी लोग सावित्री के पतिव्रत धर्म के बारे में जान रहे हैं.
उसे इस हत्या के मामले में फंसाया गया था. अजय दावा करते हैं कि इस बात को केवल वही नहीं चंदला के सभी लोग जानते हैं.
श्रीललित विस्तार ग्रंथ के 21 वें अध्याय के 178 पृष्ठ पर बताया गया है कि संयोगवश गौतम बुद्ध जी ने उसी स्थान पर तपस्या की जिस स्थान पर भगवान बुद्ध ने तपस्या की थी।
अगर तत्काल बुकिंग चाहिए तो ये केवल 300 दर्शनर्थियो के लिए ही होगी.
भले ही भोजन न करें. इस दिन सत्तु बांटने से पुण्यफल की प्राप्ति होती है.