पारण के बाद नीबू, चीनी का घोल पिया जाए तो जो 24 घंटे तक निर्जला व्रत रखने का असर शरीर पर दिखाई नहीं देता.

इन जीवों को दिया गया अन्न सीधे पितरों तक पहुंचता है और उनकी आत्मा को शांति प्रदान करता है जो कि पीढ़ियों के लिए फलदायी होता है.

Pitru Paksha: आश्विन मास की प्रतिपदा के साथ ही पितृपक्ष शुरू हो गए हैं. आजकल व्यस्त जीवनचर्या और नौकरी-बिजनेस की…

आंगन में हौदी औधी रखी है, उसे जाकर खोल लो और जो कुछ भी मिले उसे आपस में बांटकर खा लेना.