सर्वपितृ अमावस्या पर किसी पवित्र नदी में काले तिल डालकर तर्पण करें । इससे भी पितृगण प्रसन्न होते हैं।
पारण के बाद नीबू, चीनी का घोल पिया जाए तो जो 24 घंटे तक निर्जला व्रत रखने का असर शरीर पर दिखाई नहीं देता.
इन जीवों को दिया गया अन्न सीधे पितरों तक पहुंचता है और उनकी आत्मा को शांति प्रदान करता है जो कि पीढ़ियों के लिए फलदायी होता है.
हाल ही में मंदिरों को भी हटाया गया है. कोई भी किसी तरह की अफवाह पर ध्यान न दे.
Pitru Paksha: आश्विन मास की प्रतिपदा के साथ ही पितृपक्ष शुरू हो गए हैं. आजकल व्यस्त जीवनचर्या और नौकरी-बिजनेस की…
आंगन में हौदी औधी रखी है, उसे जाकर खोल लो और जो कुछ भी मिले उसे आपस में बांटकर खा लेना.
कुछ तिथियों का समय से पूर्व एवं कुछ का बाद में समापन होने से कुछ भ्रम पूर्ण स्थिति हो सकती है.
ऐसा करने से भगवान शंकर और माता पार्वती की कृपा हमेशा बनी रहती है.
अनंत सूत्र हाथ में बांधते समय ध्यान रखना चाहिए कि पुरुष दाहिने और महिलाओं को अपने बाएं हाथ में इसे बांधना चाहिए।