Sambhal Masjid News: मुस्लिम पक्ष को झटका…ध्वस्त की जाएगी संभल की मस्जिद; इलाहबाद हाईकोर्ट से याचिका खारिज

October 4, 2025 by No Comments

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Sambhal Masjid News: उत्तर प्रदेश के संभल जिले की गौसुलवरा मस्जिद को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. इसके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के खिलाफ मस्जिद कमिटी द्वारा दायर की गई याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. यानी ध्वस्तीकरण पर हाईकोर्ट ने रोक लगाने से इंकार कर दिया है. कोर्ट के इस फैसले के बाद मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका लगा है. कोर्ट के इस फैसले के बाद साफ हो गया है कि मस्जिद को ध्वस्त किया जाएगा. 

बता दें कि ध्वस्तीकरण को रोकने के लिए गौसुलवरा मस्जिद कमेटी ने याचिका दाखिल की थी. प्रशासन की ओर से मस्जिद कमेटी पर आरोप है कि यह मस्जिद तालाब की जमीन पर बनाई गई है.

कोर्ट ने दिया ये आदेश

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाईकोर्ट में लगातार आज दूसरे दिन छुट्टी के दिन अर्जेंट बेंच बैठी और मामले की सुनवाई की गई. कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए ध्वस्तीकरण पर रोक के लिए याची को ट्रायल कोर्ट में अपील दाखिल करने का निर्देश दिया है. सुनवाई के दौरान मस्जिद कमेटी की ओर से जमीन से जुड़े दस्तावेज पेश किया गया. शुक्रवार को हाईकोर्ट ने सुनवाई में मस्जिद की जमीन से जुड़े दस्तावेज की मांग की थी. इस पर याची के अधिवक्ता अरविंद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कोर्ट की हस्तक्षेप के बाद उन्हें ध्वस्तीकरण का आदेश भी मिला है. वह बोले कि बगैर ध्वस्तीकरण आदेश दिए मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही थी. फिलहाल हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद याचिका निस्तारित कर दी है.

इनके खिलाफ भी याचिका

दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष की ओर से हाईकोर्ट में मस्जिद, बारात घर और अस्पताल के खिलाफ पारित ध्वस्तीकरण आदेश पर रोक लगाने की मांग को लेकर भी याचिका दाखिल की गई थी. मसाजिद शरीफ गोसुलबारा रावां बुजुर्ग और मस्जिद के मुतवल्ली मिंजर की ओर से याचिका दाखिल की गई थी. उन्होंने हाईकोर्ट से अर्जेंट बेसिस पर सुनवाई की मांग की गई थी. इस पर जस्टिस दिनेश पाठक की सिंगल बेंच में सुबह 10:00 बजे याचिका पर सुनवाई हुई. कोर्ट में मस्जिद पक्ष की ओर से दलील दी गई कि बारात घर को ध्वस्त कर दिया गया है. इसी के साथ ही मुस्लिम पक्ष ने ये भी बताया कि ध्वस्तीकरण के लिए 2 अक्टूबर गांधी जयंती और दशहरे का दिन चुना गया.

हो सकता था कोई बड़ा बवाल

आरोप है कि बारात घर तालाब की जमीन पर बना हुआ था. तो वहीं ये भी कहा गया कि बुलडोजर कार्रवाई के दौरान भीड़ के कारण कोई बड़ा हादसा या बवाल भी हो सकता था. यहां बता दें कि मस्जिद का कुछ हिस्सा सरकारी जमीन पर बना हुआ है. फिलहाल मस्जिद कमेटी की ओर से अवैध हिस्से को खुद हथौड़े से तोड़ा जा रहा है. मस्जिद की ओर से अधिवक्ता अरविंद कुमार त्रिपाठी और शशांक त्रिपाठी ने पक्ष रखा तो वहीं राज्य सरकार की ओर से चीफ स्टैंडिंग काउंसिल जे एन मौर्या और स्टैंडिंग काउंसिल आशीष मोहन श्रीवास्तव ने पक्ष रखा. कोर्ट में दायर याचिका में राज्य सरकार,डीएम व एसपी संभल, एडीएम, तहसीलदार और ग्राम सभा को पक्षकार बनाया गया है.

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